Kannauj News : सब रजिस्ट्रार ने 2 की बजाय 7 बीघा का कर दिया था बैनामा, अधिवक्ताओं ने खोला था मोर्चा, अब विजिलेंस टीम ने पकड़ा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कन्नौज, अमृत विचार। उप निबंधन कार्यालय में तैनात सब रजिस्ट्रार अश्विनी वर्मा के भ्रष्टाचार को लेकर वकीलों ने कई महीने मोर्चा खोला था। करीब 23 दिन हड़ताल पर रहकर कार्रवाई की मांग रखी थी। उसके बाद सब रजिस्ट्रार को संबद्ध कर दिया गया, लेकिन जुगाड़ से दोबारा तैनाती पा गए। आरोप है कि पूर्व में दो की बजाय सात बीघा का बैनामा रिश्वत लेकर कर दिया था।  

तहसील सदर के अधिवक्ता मनोज पांडेय ने बताया कि उप निबंधन कार्यालय में बिना लेनदेन के कोई कार्य नहीं होता था। एक बार रजिस्ट्री का प्रकरण काफी चर्चा में रहा। सब रजिस्ट्रार अश्वनी वर्मा ने दो बीघा की बजाय सात बीघा जमीन की रजिस्ट्री घूस लेकर कर दी थी। इसकी शिकायत हुई लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। एक अधिकारी ने पीड़ित पक्ष व एक अधिवक्ता के साथ समझौता करा दिया था।

अधिवक्ता यादवेंद्र किशोर यादव ने बताया कि सब रजिस्ट्रार किसी की भी नहीं सुनते थे,न ही किसी को बख्शते थे। वह रिश्वत लेने के बाद ही काम करते थे। अपनी पहुंच के चलते वह कन्नौज सदर तहसील में फिर से तैनाती पा गया था। उधर, कोतवाली में सब रजिस्ट्रार ने बताया कि हिस्सा कई अधिकारियों में बंटता था।

चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार पर दिया नंबर

उप निबंधन कार्यालय में जब विजिलेंस टीम ने सब रजिस्ट्रार को पकड़ा तो वहां खड़े ग्रामीणों में से एक ने आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग में भी बहुत भ्रष्टाचार है। यहां पर भी कार्रवाई की जाए। इस पर टीम की एक सदस्य ने अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि शिकायत करना। यह नंबर अन्य लोगों ने भी लिख लिया।

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