Uttrakhand : टांडा रेंज के डिमरी ब्लॉक में बने तालाब में हाथी कर रहे मौज मस्ती
आर्टेसियन कुएं के माध्यम से तालाब में होती है पानी की सप्लाई
रुद्रपुर, अमृत विचार। गर्मी के मौसम में इंसान तो पानी के लिए परेशान होता ही है। जंगली जानवर भी पानी की खोज के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। इसको देखते हुए तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर ने टांडा रेंज में हाथियों के नहाने के लिए आर्टेसियन कुएं के माध्यम से तालाब बनाया गया है। ताकि हाथी इसमें आसानी से नहा सकें और मौज मस्ती कर सकें और छोटे जानवर भी किनारे से पानी पी सकें। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अधिकारियों की यह मेहनत रंग लाने लगी है।
यहां बता दें कि जंगलों में जंगली जानकारी को पीने के लिए पानी तो आसानी से मिल जाता है। लेकिन गर्मी के मौसम में छोटे तालाब सूख जाते हैं और जंगली जानवरों को पीने लिए पानी नहीं मिल पा रहा था। पानी के लिए जंगली जानवर इधर-उधर भटक रहे थे। इसे देखते हुए तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के अधिकारियों ने डिमरी ब्लॉक के ब्लॉक संख्या 51 में हाथियों के नहाने के लिए आर्टेसियन कुंए के माध्यम से 2 हजार वर्ग मीटर का एक तालाब बनाया है। इसकी गहराई 2 मीटर रखी गयी है।
वहीं इस तालाब में पानी से भरने के लिए पास में ही आर्टेसियन कुआं बनाया गया है। इसकी गहराई 290 फीट रखी गयी है। इसमें बगैर मोटर के आसानी से पानी निकल रहा है और सीधे तालाब में जा रहा है। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अधिकारियों ने बताया कि तालाब बनने के बाद इस तालाब में हाथियों के साथ ही चितल, पांडा और अन्य जंगली जानवर भी वहां पहुंच रहे हैं। जिसके निशान वहां बने हुए हैं। इसके अलावा तालाब के पास ट्रेप कैमरा भी लगाया गया है। ताकि पता चल सके कि किस-किस प्रजाति के जानवर वहां पहुंच रहे हैं।
खत्तावासियों और वन गुर्जरों को दी गयी है चेतावनी
रुद्रपुर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के लिए बनाये गये तालाब की गहराई दो मीटर है। खत्ते में रहने वाले और वन गुर्जरों के जानवरों को इससे कोई नुकसान न हो इसके लिए उन्हें चेतावनी जारी की है। उनसे कहा गया कि है वे अपने मवेशियों को तालाब की ओर न ले जाएं। इसके अलावा तालाब में नहाने की कोशिश भी न करें।
क्या है आर्टेसियन कुआं
आर्टेसियन कुआं एक ऐसा कुआं है। जिसे सतह पर पानी लाने के लिए पंप या मोटर की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसा तब होता है जब जमीन के नीचे चट्टानों, रेत और बजरी की वह प्राकृतिक परत में पर्याप्त दबाव होता है। दबाव के कारण जलस्थैनिक संतुलन बनता है और यदि दबाव पर्याप्त रूप से अधिक हो तो पानी जमीन की सतह तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में कुएं को बहने वाला आर्टेसियन कुआं कहते हैं।
जंगली जानवरों को पीने के पानी के साथ हाथियों के नहाने के लिए टांडा रेंज के डिमरी ब्लॉक के ब्लॉक संख्या 51 में हाथियों के नहाने के लिए आर्टेसियन कुंए के माध्यम से 2 हजार वर्ग मीटर का एक तालाब बनाया है। इसकी गहराई 2 मीटर रखी गयी है। इसमें हाथियों के साथ ही चितल, पांडा और अन्य जानवरों की आवाजाही शुरू हो गयी है। इसके अलावा किस-किस प्रजाति के जानवर वहां आ रहे हैं उसकी जानकारी के लिए ट्रेप कैमरा भी लगाया गया है। -आरएन गौतम, रेंजर, तराई केंद्रीय वन प्रभाग।
