बरेली क्लब के नए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स चुने गए
अमृत विचार, बरेली। बरेली क्लब लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव शनिवार को विवादों के बीच संपन्न हो गया। बरेली क्लब के पूर्व सचिव रिटायर्ड कर्नल सीपीएस राठौर ने प्रॉक्सी वोटों की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। इसे लेकर वहां काफी गहमागहमी हो गई। हालांकि, उनके सवालों पर खास ध्यान नहीं दिया …
अमृत विचार, बरेली। बरेली क्लब लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव शनिवार को विवादों के बीच संपन्न हो गया। बरेली क्लब के पूर्व सचिव रिटायर्ड कर्नल सीपीएस राठौर ने प्रॉक्सी वोटों की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। इसे लेकर वहां काफी गहमागहमी हो गई। हालांकि, उनके सवालों पर खास ध्यान नहीं दिया गया। इस चुनाव में लंदन (इंग्लैंड) समेत अन्य देशों में रह रहे कुछ सदस्यों ने प्रॉक्सी के जरिये वोटिंग की।
इसके बाद बरेली क्लब के चेयरमैन जाट रेजिमेंट सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर आदर्श के. बुटेल के साथ ही कर्नल केहर सिंह, कर्नल रत्नेश, कर्नल डीएस पटवाल, कर्नल पृथ्वीराज सिंह रावत, कर्नल प्रदीप सिंह, कर्नल भूपिंदर सिंह, कर्नल आशीष मिश्रा, विंग कमांडर धर्मेंद्र शंखवार के अलावा सिविल डायरेक्टरों गुरुबचन सिंह (राजा) चावला, विजय कपूर, राजीव गुप्ता, मनीष सहगल, अजय कुमार अग्रवाल, शुभम गुप्ता को चुना गया। वहीं, सुधीर कुमार गुप्ता को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
छावनी क्षेत्र में स्थित बरेली क्लब चेयरमैन समेत डायरेक्टर के 15 पद हैं। इसमें जाट रेजिमेंट सेंटर के कमांडेंट को चेयरमैन, एक सचिव समेत आठ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर सेना के होते हैं। एक डायरेक्टर एयरफोर्स से होता है और बाकी छह डायरेक्टर सिविल से होते हैं। इस बार 15 की जगह 16 प्रत्याशी डायरेक्टर बनने के लिए मैदान में उतरे थे जिनमें सिविल से चुने जाने वाले छह की संख्या के मुकाबले एक उम्मीदवार ज्यादा था। ऐसे में करीब सात साल बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव मतदान के जरिए हुआ। बरेली क्लब के सचिव कर्नल अनिल खजूरिया के अनुसार क्लब में सदस्यों की संख्या 2600 है।
इस बार हुए चुनाव में क्लब के 1164 सदस्यों ने प्रॉक्सी, बैलट पेपर और ई-वोटिंग के जरिए मतदान किया। इसमें 1070 वोट वैध मिले जिसमें पंद्रह सदस्यीय बोर्ड का गठन हुआ। इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए ई-वोटिंग भी शुरू की गई लेकिन उसमें महज एक ही वोट पड़ा। इसके अलावा प्रॉक्सी से 1099 वोट पड़े। 50 फीसद से ज्यादा वोट पाने वाले प्रत्याशी ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हुए। चुनाव अधिकारी ब्रिगेडियर अजय दुग्गल और सिविल से अनंतवीर सिंह की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई।
सचिव के पास आने चाहिए प्रॉक्सी के वोट
रिटायर्ड कर्नल सीपीएस राठौर का कहना था कि बरेली क्लब के जो सदस्य वोटिंग करने के लिए खुद नहीं आ पाते हैं वे प्रॉक्सी के जरिये अपना वोट डालते हैं। कई बार प्रॉक्सी का वोट सीधे डायरेक्टर का चुनाव लड़ने वालों को दे दिया जाता है जबकि इसे सचिव के जरिये दिया जाना चाहिए क्योंकि प्रत्याशी केवल अपील कर सकता है।
8.25 लाख रुपये है बरेली क्लब का सदस्यता शुल्क
बरेली क्लब लिमिटेड का सदस्यता शुल्क 8.25 लाख रुपये है। हालांकि, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सदस्यता लेने में छूट भी है। वहीं, 20 हजार रुपये अतिरिक्त देकर इसे तीन मासिक किस्तों में देने की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही महीने में चार दिन से कम आने वाले व अन्य कारणों से अनुपस्थित रहने वाले क्लब सदस्यों व सदस्यों के आश्रितों को सालाना अंशदान में 50 प्रतिशत की छूट रहेगी, पहले यह छूट 75 प्रतिशत थी।
महिलाओं के लिए लाउंज की शुरुआत
क्लब की मीटिंग के दौरान परिसर के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान महिलाओं और छोटी पार्टी आयोजित करने के लिए नए लाउंज की शुरुआत हुई। इसमें क्लब में शेडयुक्त बैडमिंटन कोर्ट बनाने, लाइब्रेरी को सुधारने, गेस्ट रूम का रेनोवेशन करने, हेल्थ क्लब और बार रेनोवेशन पर चर्चा हुई।
