डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का देश भर में डंका, IIRF रैंकिंग 2026 में मारी लंबी छलांग
अयोध्या: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय (RMLAU) के खाते में एक और ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि जुड़ गई है। 'इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क' (IIRF) इंडिया इंजीनियरिंग रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान ने पहली बार शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश स्तर पर अपनी धाक जमाई है।
रैंकिंग में अवध यूनिवर्सिटी का जलवा
आईआईआरएफ (IIRF) रैंकिंग 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, विश्वविद्यालय को अलग-अलग श्रेणियों में ये गौरवपूर्ण स्थान मिले हैं। भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में अवध यूनिवर्सिटी को 138 वां स्थान मिला है। वहीं उत्तर प्रदेश के सभी राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की सूची में संस्थान 18वें स्थान पर रहा।
बात अगर राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों की हो तो यूनिवर्सिटी ने दूसरा (2nd) स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान रचा है।
यह सफलता हमारी जिम्मेदारी और बढ़ाती है: कुलपति
इस शानदार कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा, "IIRF रैंकिंग में मिली यह बड़ी सफलता पूरे अवध विश्वविद्यालय परिवार की कड़ी मेहनत का परिणाम है। यह स्थान हमारी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाता है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह उपलब्धि भविष्य में हमें रिसर्च (अनुसंधान) और इनोवेशन (नवाचार) के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी।" कुलपति ने इंजीनियरिंग संकाय के शिक्षकों और छात्रों को विशेष रूप से बधाई दी।
टीम वर्क और बेहतर तालमेल से मिली कामयाबी
यूनिवर्सिटी के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने इस मौके पर कहा कि संस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में शीर्ष पर ले जाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। वहीं, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल ने जोर देकर कहा कि आपसी तालमेल और टीम वर्क के जरिए ही ऐसे बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
डॉ. पीके द्विवेदी ने आईआईआरएफ की विश्वसनीयता पर बात करते हुए बताया कि उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में इस रैंकिंग का बहुत बड़ा मान है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले विश्वविद्यालय 'नेचर इंडेक्सिंग' में भी अपनी श्रेष्ठता साबित कर चुका है। इस ऐतिहासिक सफलता पर आईटी संस्थान के निदेशक सहित सभी शिक्षकों और अधिकारियों में जश्न का माहौल है।
