UP News : यूपी के पशुपालन मंत्री बोले-योगी राज में गाय को देखकर कांप रहे कसाई! आखिर गाय पर क्यों छिड़ गई बहस
पशुपालन मंत्री के मुताबिक, राज्य में करीब 7500 गौशालाएं हैं-इनमें 1.4 लाख गाय रखी गई हैं। सपा सरकार में जहां गायों के चारे के लिए 30 रुपये मिलते थे, वहां अब 50 रुपये दिए जा रहे हैं।
अमृत विचार : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि" गाय हमारी माता है, कोई पशु नहीं', इसलिए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की सोच ही खराब है। गाय की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर यूपी सरकार का रुख स्पष्ट है। यूपी के पशुपालन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने अब गाय के मुद्दे पर विपक्षी दल सपा को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि, "सपा सरकार में कसाई को देखकर गाय कांपती थी, लेकिन आज गाय को देखकर कसाई कांप रहे हैं।" इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब कसाई खुद ये मांग उठा रहे हैं कि, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
पशुपालन मंत्री के मुताबिक, राज्य में करीब 7500 गौशालाएं हैं-इनमें 1.4 लाख गाय रखी गई हैं। सपा सरकार में जहां गायों के चारे के लिए 30 रुपये मिलते थे, वहां अब 50 रुपये दिए जा रहे हैं।
सपा सरकार में हालत ये थी कि, व्यक्ति खुद तो बाहर सोता था, लेकिन पशुओं की रखवाली ताला लगाकर करता था। आज देख लीजिए। कसाई खुद ये मांग उठा रहे हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो।
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश-प्रदेश को साफ संकेत दिया है। गाय पूरे राष्ट्र की माताएं हैं। पशु नहीं जो राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। गाय की सुरक्षा और संरक्षण सरकार की प्राथमिकता में है और उसी पर काम कर रहे हैं।
क्यों छिड़ गई गाय पर चर्चा
पश्चिम बंगाल में बकरीद के बाजार से कुछ तस्वीरें सामने आईं। बकरों के साथ लोग गायों को भी बेचने पहुंचे थे। चूंकि बंगाल में भाजपा सरकार बनते ही सख्ती के साथ गौ-वध पर प्रतिबंधित लागू कर दिया गया। मुस्लिम सजा के लोगों ने गाय खरीदने से इनकार कर दिया। तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो इस पर बहस छिड़ गई। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की आवाज उठाई। इस तर्क के साथ कि देश की बहुसंख्यक आबादी गाय को पवित्र और मां के समान मानती है। इसलिए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए। इससे गोकशी के नाम पर होने वाली हिंसा भी थम जाएगी।
सोशल मीडिया पर तेज हुई मांग
जमीयत के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की तरफ से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाए जाने के बाद ये मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। एक बड़ा वर्ग इसके समर्थन में आवाज उठाने लग गया।
सीएम योगी ने साफ किया रुख
पिछले कई दिनों से गाय के मुद्दे पर छिड़ी बहस को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ किया कि गाय को हम माता मानते हैं और मां को किसी दर्जे की जरूरत नहीं है। जिन लोगों की सोच ही पशुवत है-वही ऐसी मांग उठा रहे हैं।
पूरे देश में गौ-हत्या पर लगे रोक
लखनऊ स्थित शिया शिया मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैयद अब्बास ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर कहा, "देखिए, गाय आपकी माता है, जो मुख्यमंत्री जी ने फरमाया है। मैं समझता हूं कि, बिल्कुल सही है। माता होने की वजह से हम यह बात कह रहे हैं कि, इसकी हत्या पर पूरे देश में रोक लगनी चाहिए। हम इसी वजह से मांग कर रहे हैं, क्योंकि हमारे जो हिंदू भाई हैं, जो देश में 100 करोड़ हिंदुओं की आबादी है, उनकी आस्था का अगर ख्याल न रखा जाए, तो एक देशवासी होने के नाते मैं समझता हूं कि यह अफसोसनाक है..."
