स्टार्टअप और डेटा सेंटर का हब बनेगा UP : नई नीतियों पर सीएम योगी की मुहर, कहा- निवेश को मिलेगा और बढ़ावा

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Published By Deepak Mishra
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स्टार्टअप नीति-2026 में एआई, क्वांटम, रोबोटिक्स और डीप-टेक को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नई स्टार्टअप नीति-2026 और प्रस्तावित डेटा सेंटर नीति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निवेशक अनुकूल, प्रतिस्पर्धी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नीतियों पर मुहर लगाई।

लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नई स्टार्टअप नीति-2026 और प्रस्तावित डेटा सेंटर नीति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निवेशक अनुकूल, प्रतिस्पर्धी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नीतियों पर मुहर लगाई। उन्होंने कहा कि नई स्टार्टअप नीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, डीप-टेक और उभरती प्रौद्योगिकियों को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 तक प्रदेश में 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया। आईटी विभाग के प्रस्तुतीकरण और समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने स्टार्टअप मिशन को और सशक्त बनाने, वित्तीय प्रोत्साहन बढ़ाने तथा महिला उद्यमियों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और पूर्वांचल-बुंदेलखंड के युवाओं के लिए विशेष प्रावधान शामिल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा विकसित करना होगा। इसके लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को गति देने वाले मिशन मोड कार्यक्रम तैयार किए जाएं, ताकि प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति का विस्तार हो सके। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्ष 2026 तक देश की कुल डेटा सेंटर क्षमता में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 8 से 9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि डेटा सेंटर नीति-2021 के तहत 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने व 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष अब तक 21,342.90 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं और निवेशकों को लेटर ऑफ कंफर्ट भी जारी किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में छह डेटा सेंटर पार्क और दो डेटा सेंटर इकाइयां संचालित हैं, जबकि 644 मेगावाट की प्रतिबद्ध क्षमता पर कार्य प्रगति पर है।

नई डेटा सेंटर नीति के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि, पूंजी और ऋण संबंधी अनुदानों के साथ-साथ स्टाम्प शुल्क, विद्युत शुल्क तथा ट्रांसमिशन एवं व्हीलिंग शुल्क में दी जाने वाली रियायतों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

एआई और ग्रीन डेटा सेंटर पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नई नीति में एआई आधारित उच्च क्षमता वाले कम्प्यूटिंग सेंटर, ऊर्जा दक्ष ग्रीन डेटा सेंटर, त्वरित अनुमोदन प्रणाली और निर्बाध बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए। उच्च स्तर का ग्रीन प्रमाणन हासिल करने वाली इकाइयों को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।

स्टार्टअप्स को मिलेंगे नए प्रोत्साहन

• मैचिंग ग्रांट और ब्याज अनुदान का दायरा बढ़ेगा

• एक्सेलेरेटर और इन्क्यूबेशन सहायता को मजबूती

• महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर उद्यमियों के लिए विशेष पैकेज

• पूर्वांचल और बुंदेलखंड में अतिरिक्त प्रोत्साहन

डेटा सेंटर निवेश के बड़े आंकड़े

• स्वीकृत निवेश प्रस्ताव: ₹21,342 करोड़
• निर्माणाधीन क्षमता: 644 मेगावाट
• संचालित डेटा सेंटर पार्क: 6
• संभावित निवेश: ₹4.90 लाख करोड़
• प्रस्तावित क्षमता: 5,410 मेगावाट
• 2030 का लक्ष्य: 2 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता

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