World Tiger Day: दुधवा टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की संख्या, चार साल में 64% की रिकॉर्ड वृद्धि

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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दुधवा टाइगर रिजर्व में संरक्षण प्रयासों का असर, 2018 से 2022 के बीच बाघों की संख्या 82 से बढ़कर 135 हुई; कैमरा ट्रैप और बेहतर प्रबंधन से मिली सफलता

Dudhwa Tiger Reserve News: उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिजर्व में चार वर्षों में बाघों की संख्या 64 प्रतिशत बढ़ी है। वर्ष 2018 में 82 बाघों की संख्या 2022 में बढ़कर 135 हो गई। बेहतर आवास प्रबंधन, तकनीकी निगरानी और स्थानीय सहयोग से यह उपलब्धि हासिल हुई है।

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिजर्व (DTR) में बाघों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अखिल भारतीय बाघ आकलन के अनुसार, वर्ष 2018 से 2022 के बीच दुधवा में बाघों की आबादी 64 प्रतिशत बढ़ी है। अधिकारियों के मुताबिक, बाघों की संख्या में यह वृद्धि बेहतर आवास प्रबंधन, आधुनिक तकनीक से निगरानी और स्थानीय समुदायों की भागीदारी के कारण संभव हुई है।

82 से बढ़कर 135 हुई बाघों की संख्या

दुधवा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ. एच. राजमोहन ने बताया कि वर्ष 2018 में अभयारण्य में 82 बाघ थे, जो 2022 में बढ़कर 135 हो गए। उन्होंने बताया कि यदि अभयारण्य से सटे क्षेत्रों को भी शामिल किया जाए तो बाघों की संख्या 107 से बढ़कर 153 हो गई है। इस दौरान करीब 43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

कैमरा ट्रैप और तकनीक से हो रही निगरानी

वन अधिकारियों के अनुसार, बाघों की सुरक्षा और संख्या बढ़ाने में आधुनिक तकनीक का अहम योगदान रहा है। बाघों की निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप समेत कई वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्ष 2026 की बाघ गणना के लिए उत्तर प्रदेश के सभी बाघ अभयारण्यों और आसपास के क्षेत्रों में नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच कैमरा ट्रैप लगाए गए। इस अभियान के तहत करीब 1,800 कैमरे लगाए गए, जिनसे डेढ़ लाख से अधिक तस्वीरें प्राप्त हुई हैं। इन तस्वीरों को वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजा गया है। इनके अध्ययन के बाद राज्य के सभी बाघ अभयारण्यों में बाघों की वास्तविक संख्या का आकलन किया जाएगा।

विश्व बाघ दिवस पर 24 घंटे की गश्त

विश्व बाघ दिवस के अवसर पर दुधवा टाइगर रिजर्व में सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। अभयारण्य में 24 घंटे की लंबी दूरी की गश्त पूरी की गई।इस अभियान में उप प्रभागीय अधिकारियों, क्षेत्रीय अधिकारियों, वनरक्षकों और निगरानी कर्मियों ने हिस्सा लिया। जंगल के सभी हिस्सों तक पहुंचने के लिए हाथियों, चार पहिया वाहनों, दोपहिया वाहनों, ट्रैक्टरों और नावों का इस्तेमाल किया गया।

संरक्षण प्रयासों से मजबूत हुआ बाघों का कुनबा

वन विभाग का कहना है कि बेहतर संरक्षण नीति, जंगलों का प्रबंधन और स्थानीय लोगों के सहयोग से दुधवा में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भी दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की आबादी में सकारात्मक वृद्धि जारी रहेगी।

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