नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई तेज, 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में दिल्ली की विशेष त्वरित अदालत ने सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया, 13 आरोपियों के खिलाफ आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू
दिल्ली की त्वरित अदालत ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल आरोपपत्र को रिकॉर्ड पर ले लिया है। मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में दिल्ली की त्वरित अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से दाखिल आरोपपत्र को रिकॉर्ड पर ले लिया है। परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत ने मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा ने 13 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की ओर से दाखिल अंतिम रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया। अदालत ने आरोपपत्र से जुड़े दस्तावेजों और अनुलग्नकों को दाखिल करने के लिए सीबीआई को समय दिया है।
20 हजार पन्नों के दस्तावेज किए जा रहे तैयार
सीबीआई ने अदालत को बताया कि करीब 20 हजार पन्नों के अनुलग्नकों को स्कैन करने का काम चल रहा है, जिन्हें तीन दिन बाद अदालत में जमा किया जाएगा। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की है।
13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुआ आरोपपत्र
सीबीआई ने मंगलवार को नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े विशेषज्ञ, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग, बिचौलिए और कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी शामिल हैं।
गंभीर धाराओं में लगाए गए आरोप
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साक्ष्य मिटाने समेत कई आरोप लगाए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम-2024 के तहत भी कार्रवाई की गई है।
सीबीआई की ओर से नियुक्त हुए लोक अभियोजक
अदालत के आदेश के बाद इस मामले में सीबीआई का पक्ष रखने के लिए वकील वी.के. पाठक और अर्जुन आनंद को लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है।नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अदालत में अब आरोपियों के खिलाफ आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
