Naimesh Nagar Yojana: 42 दिन से धरने पर किसान, अब भूख हड़ताल का ऐलान; 1.25 करोड़ सर्किल रेट की मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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नैमिष नगर योजना से प्रभावित 10 ग्राम सभाओं के किसानों ने एडीएम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; 15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च की चेतावनी

बख्शी का तालाब/लखनऊ, अमृत विचार : नैमिष नगर योजना से प्रभावित 10 ग्राम सभाओं के किसान शनिवार को भी अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे। आंदोलन के 42वें दिन बख्शी का तालाब तहसील में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे अपर जिलाधिकारी प्रशासन राजकुमार मित्तल को सैकड़ों किसानों ने ज्ञापन सौंपकर सर्किल रेट में कथित भेदभाव समाप्त करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च किया जाएगा।

ज्ञापन में किसानों ने कहा कि नैमिष नगर योजना के अंतर्गत अधिग्रहित की जा रही भूमि की प्रकृति और योजना क्षेत्र समान होने के बावजूद प्रशासन ने आठ ग्राम सभाओं के लिए ₹1 करोड़ 25 लाख का सर्किल रेट निर्धारित किया है, जबकि 10 ग्राम सभाओं के लिए मात्र ₹81 लाख तय किया गया है। किसानों का आरोप है कि समान परिस्थितियों में अलग-अलग सर्किल रेट निर्धारित करना संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 की भावना के विपरीत है।
किसानों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय या लिखित आश्वासन नहीं मिला है। इससे प्रभावित किसानों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है।किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि सभी प्रभावित ग्राम सभाओं के लिए समान सर्किल रेट और न्यायसंगत मुआवजा चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से नैमिष नगर योजना के अंतर्गत सभी प्रभावित ग्राम सभाओं के लिए ₹1 करोड़ 25 लाख का समान सर्किल रेट लागू करने की मांग की।धरनास्थल पर किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और कानून के दायरे में चल रहा है। यदि समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च करने के लिए वे विवश होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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