Raebareli News: सिंचाई विभाग के दावों की खुली पोल, माइनर की पटरी कटने से सड़क बनी दरिया, कई बीघे फसल जलमग्न

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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भदोखर थाना से 100 मीटर दूर हुई घटना, ग्रामीणों ने रखरखाव में लापरवाही का लगाया आरोप

रायबरेली के भदोखर में माइनर की पटरी कटने से सड़क जलमग्न हो गई और कई एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया।

रायबरेली, अमृत विचार। राही ब्लाक क्षेत्र के भदोखर थाना परिसर से महज 100 मीटर दूर भदोखर-कोरचंदामऊ मार्ग पर माइनर की पटरी कटने से सिंचाई विभाग के दावों की पोल खुल गई है। विभागीय अधिकारी समय-समय पर नहरों का निरीक्षण, सफाई और पटरियों की मजबूती के दावे करते रहे हैं, लेकिन भदोखर की यह घटना उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती दिखाई दे रही है।

यदि नियमित निरीक्षण और रखरखाव प्रभावी होता, तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती। माइनर में अधिक पानी आने के बाद पटरी कट गई और तेज बहाव से पूरा मार्ग जलमग्न हो गया। सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे  स्कूली बच्चे, ग्रामीण और राहगीर घंटों परेशान रहे। वहीं माइनर का पानी खेतों में घुसने से कई एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि माइनर की जर्जर पटरी और रखरखाव को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि आज एक छोटी सी लापरवाही बड़े संकट में बदल गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब घटना थाने से चंद कदमों की दूरी पर हुई, तब भी सिंचाई विभाग की तत्परता क्यों नहीं दिखी?

ग्रामीणों का कहना है कि केवल कागजी निरीक्षण और दावों से व्यवस्था नहीं चल सकती। इस घटना ने विभागीय दावों की हकीकत उजागर कर दी है। लोग दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और माइनर व्यवस्था की तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीण बोले- लापरवाही का हिसाब दो

भदोखर-कोरचंदामऊ मार्ग पर माइनर की पटरी कटने के बाद किसानों और ग्रामीणों में सिंचाई विभाग के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों कोरचंदामऊ के राजीव नारायन तिवारी, खानपुर के गोलू शर्मा, टेकरी के राम प्रकाश व भदोखर के शिव शंकर साहू का कहना है कि यदि समय रहते माइनर की निगरानी और मरम्मत कराई गई होती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। माइनर का पानी खेतों में भर जाने से धान की फसल जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

वहीं सड़क पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया और स्कूली बच्चों समेत सैकड़ों ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ी। आरोप है कि विभाग केवल कागजी निरीक्षण तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। किसानों ने दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, फसल नुकसान का मुआवजा देने और नहर की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

जानिए क्या बोले अधिशाषी अभियंता

सूचना मिलने के थोड़ी देर बाद सिंचाई विभाग की टीम को भेजा गया था। टीम ने मौके पर पहुंच कर कटी हुई माइनर को बंद कर दिया है। फिलहाल इस समय माइनर कटान की कोई समस्या या परेशानी नहीं है... सुशील यादव, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग रायबरेली।

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