Kanpur News : डेयरी कॉन्क्लेव में किसानों को बड़ी सौगात, स्वदेशी गाय खरीदने पर मिलेगा 80 हजार तक अनुदान

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदने पर 80 हजार तक अनुदान

कानपुर में आयोजित डेयरी कॉन्क्लेव में किसानों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना समेत कई योजनाओं की जानकारी दी गई। 28 लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए और 80 हजार रुपये तक अनुदान का लाभ बताया गया।

कानपुर, अमृत विचार। किसानों की आय बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को दुग्ध विकास, पशुपालन, कृषि और उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना 2026-27 के तहत चयनित 28 लाभार्थियों को चयन पत्र भी वितरित किए गए।

स्वदेशी गाय खरीदने पर मिलेगा 80 हजार रुपये तक अनुदान

जिला दुग्ध विकास अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत दूसरे राज्यों से स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदने वाले किसानों को 40 प्रतिशत या अधिकतम 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। उन्होंने किसानों से नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ उठाने की अपील की।

डेयरी प्लांट लगाने पर 35 फीसदी सब्सिडी

कॉन्क्लेव में किसानों को बताया गया कि दुग्ध नीति योजना के तहत नया डेयरी प्लांट या मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने पर 35 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। अधिकारियों ने किसानों को योजनाओं का लाभ लेकर डेयरी क्षेत्र में स्वरोजगार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

आधुनिक पशुपालन अपनाने पर जोर

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुराग सिंह ने पशुपालन विभाग की योजनाओं और पशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी। वहीं उप निदेशक कृषि और जिला उद्यान अधिकारी ने भी किसानों को विभागीय योजनाओं से अवगत कराया। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. रामजी गुप्ता ने वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन, पशुओं के बेहतर रखरखाव और आधुनिक तकनीकों के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए।

सीडीओ बोले- डेयरी को बनाएं आय का मजबूत माध्यम

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक अपनाकर डेयरी व्यवसाय को रोजगार और अतिरिक्त आय का मजबूत साधन बनाया जा सकता है।

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