Kanpur News : फ्लोर मिल में बड़ा फर्जीवाड़ा, दूसरे ब्रांड का आटा अपने नाम से बेचने का खुलासा; ₹1.50 लाख का स्टॉक सीज
एफएसडीए की छापेमारी में 5 नमूने लिए गए, चावल के आटे से मिलावट की आशंका
कानपुर के रामादेवी स्थित फ्लोर मिल पर एफएसडीए की छापेमारी में दूसरे ब्रांड का आटा अपने नाम से बेचने का मामला सामने आया। 1.50 लाख रुपये का स्टॉक सीज, पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए।
कानपुर, अमृत विचार। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने रामादेवी स्थित एक फ्लोर मिल पर छापेमारी कर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा किया है। जांच के दौरान दूसरे ब्रांड के आटे को खोलकर अपने ब्रांड के नाम से दोबारा पैक कर बाजार में बेचे जाने का मामला सामने आया। टीम ने मौके से करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य का आटा और संदिग्ध अपमिश्रक सीज कर दिया। साथ ही जांच के लिए पांच नमूने भी संग्रहित किए गए हैं।
दूसरे ब्रांड का आटा अपने नाम से बेचने का आरोप
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह के निर्देशन में एफएसडीए की टीम ने गांधीग्राम, रामादेवी स्थित दर्शन ट्रेडिंग कंपनी (फ्लोर मिल) का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि अन्य जनपदों में तैयार विभिन्न ब्रांड के आटे के पैकेट खोलकर उसी आटे को 'दर्शन' ब्रांड के नाम से दोबारा पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था।
बिना बैच नंबर और एक्सपायरी वाले पैकेट मिले
निरीक्षण के दौरान कई पैकेट ऐसे मिले, जिन पर बैच नंबर, पैकेजिंग तिथि और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं थी। इसके अलावा परिसर की साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के रखरखाव में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया। कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड, खाद्य लाइसेंस और खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
चावल के आटे से मिलावट की आशंका
एफएसडीए टीम को फ्लोर मिल से करीब 3000 किलोग्राम श्री भोग ब्रांड आटा, 100 किलोग्राम दर्शन ब्रांड आटा और 200 किलोग्राम चावल का आटा मिला। विभाग को आशंका है कि गेहूं के आटे में चावल के आटे का उपयोग अपमिश्रक के रूप में किया जा रहा था।
पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए
टीम ने मौके से गेहूं के आटे के चार नमूने और संदिग्ध अपमिश्रक का एक नमूना जांच के लिए संग्रहित किया। बिना आवश्यक विवरण वाले स्टॉक को सीज कर दिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने बताया कि आटे में मिलावट की आशंका को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी और भ्रामक पैकेजिंग करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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