टेक जानकारी : अब बिना इंटरनेट भी होगा आधार सत्यापन
डिजिटल पहचान को अधिक सरल, सुरक्षित और सर्वसुलभ बनाने की दिशा में UIDAI ने आधार ऐप में ऑफलाइन वेरिफिकेशन की सुविधा जोड़ी है। अब इंटरनेट या मोबाइल डेटा उपलब्ध न होने पर भी डिजिटल आधार के जरिए पहचान का सत्यापन संभव होगा। यह सुविधा खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और यात्रा के दौरान उपयोगकर्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
देश में आधार कार्ड आज लगभग हर सरकारी और निजी सेवा का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, यात्रा और पहचान संबंधी अधिकांश कार्यों में इसकी आवश्यकता पड़ती है। इसी व्यवस्था को और अधिक आसान बनाने के उद्देश्य से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने इस वर्ष नया Aadhaar App लॉन्च किया। इसके साथ ही पुराने mAadhaar ऐप को बंद कर दिया गया। नए ऐप की सबसे खास विशेषता इसका ऑफलाइन वेरिफिकेशन फीचर है, जो इंटरनेट के बिना भी आपकी पहचान प्रमाणित करने में सक्षम है।
कैसे काम करता है ऑफलाइन फीचर
नए आधार ऐप में उपयोगकर्ता की पहचान संबंधी आवश्यक जानकारी एक सुरक्षित QR कोड में संग्रहीत रहती है। इंटरनेट कनेक्शन न होने पर भी यह क्यूआर कोड सक्रिय रहता है। इसमें फोटो, नाम और जन्मतिथि जैसी जरूरी जानकारियां सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्टेड रहती हैं। इसलिए हर बार ऑनलाइन सर्वर से जुड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
कुछ ही सेकंड में होगा सत्यापन
यदि आप एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, सरकारी कार्यालय या किसी अन्य अधिकृत संस्थान में पहचान सत्यापित कराना चाहते हैं, तो अधिकारी अपने मोबाइल में मौजूद UIDAI के आधार ऐप अथवा अधिकृत QR स्कैनर से आपके ऑफलाइन क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। स्कैन होते ही आपकी पहचान की पुष्टि हो जाएगी। पूरी प्रक्रिया के दौरान आपके मोबाइल में इंटरनेट या मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होगी।
गोपनीयता पर विशेष जोर
डिजिटल सेवाओं के बढ़ते दायरे के साथ डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है। UIDAI का कहना है कि ऑफलाइन वेरिफिकेशन प्रणाली को इसी पहलू को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस प्रक्रिया में केवल वही जानकारी साझा होती है, जो पहचान सत्यापित करने के लिए आवश्यक है। इससे उपयोगकर्ता की निजी जानकारी अनावश्यक रूप से साझा होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
ग्रामीण भारत के लिए बड़ी सुविधा
इस नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ उन लोगों को मिलेगा, जो कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों या दूर-दराज के गांवों में रहते हैं। यात्रा के दौरान, ट्रेन टिकट जांच, आपातकालीन परिस्थितियों या मोबाइल डेटा समाप्त हो जाने की स्थिति में भी डिजिटल आधार के जरिए पहचान सत्यापित कराई जा सकेगी। हालांकि कुछ संस्थान अपने नियमों के अनुसार भौतिक आधार कार्ड या अन्य पहचान दस्तावेज भी मांग सकते हैं। इसके बावजूद ऑफलाइन आधार ऐप डिजिटल पहचान को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
