डूबे श्मशान घाट, कई गांवों में मड़राया बाढ़ का खतरा, अयोध्या में 65 परिवारों ने छोड़ा अपना आशियाना
अयोध्या में सरयू का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है। मूडाडीहा माझा में बाढ़ से घिरे 65 परिवारों ने बंधे पर शरण ली, जबकि सोहावल में 225 परिवारों को राहत किट दी गई।
सरयू का जलस्तर लाल निशान से महज 7 सेंटीमीटर नीचे पहुंचा, बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ी चिंता; सोहावल में 225 परिवारों को राहत किट बांटी गई।
अयोध्या, अमृत विचार। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद अब लाल निशान के बेहद करीब पहुंचकर ठहर गया है। अयोध्या में सरयू का जलस्तर 92.730 मीटर के लाल निशान से महज सात सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। जलस्तर बढ़ने से कछार के इलाकों में हलचल बढ़ गई है और कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। अयोध्या के श्मशान घाट तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। खतरे को देखते हुए कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। वहीं, प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध करानी शुरू कर दी है।
पक्के घाटों पर हो रही बैरिकेडिंग
सोहावल एसडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर लगातार निगरानी की जा रही है। जहां पक्के घाट हैं, वहां बैरिकेडिंग कराई जा रही है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित सीमा के भीतर रहकर ही स्नान करें। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे बैरिकेडिंग के आगे जाकर नदी में न उतरें और गहरे पानी में जाने से बचें।
ढेमवा घाट समेत कई जगह लगाए चेतावनी बोर्ड
प्रशासन की ओर से ढेमवा घाट, श्मशान घाट, कलाफरपुर और सनाहा में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्ड के जरिए लोगों को नदी में अधिक गहराई तक न जाने और सुरक्षित तरीके से स्नान करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इससे पहले 6 अगस्त को सोहावल एसडीएम गजेंद्र सिंह ने तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह और थाना प्रभारी रतन शर्मा के साथ ढेमवा घाट का निरीक्षण किया था।
सोहावल में 225 परिवारों को बांटी गई राहत किट
रुदौली के बाद अब सोहावल तहसील क्षेत्र के मांझा कला इलाके में करीब 225 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत किट वितरित की गई है। इससे पहले रुदौली में करीब 125 बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री दी गई थी। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया है।
मूडाडीहा माझा में 65 परिवारों ने बंधे पर ली शरण
सरयू का पानी बढ़ने से मूडाडीहा माझा के उरदहवा गांव की सड़क पर बाढ़ का पानी भर गया है। इससे गांव का आवागमन बाधित हो गया है। पानी से गांव घिरने के बाद करीब 65 परिवार अपने घरों से निकलकर राजा दशरथ समाधि से अयोध्या जाने वाले बंधे पर शरण लेने को मजबूर हैं। इन परिवारों के सामने खुद के साथ-साथ मवेशियों के लिए भोजन और रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है।
परिवार और मवेशियों को लेकर बंधे पर रहने को मजबूर
बंधे पर शरण लिए बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि वे परिवार और जानवरों को लेकर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों के मुताबिक, मूडाडीहा माझा के पिपरी संग्राम, उरदहवा, पूरे चेतन, सलेमपुर, रामपुर पुआरी माझा, मड़ना माझा और बलुइया मदराई गांवों में भी बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता, प्रशासन से मदद की उम्मीद
मूडाडीहा के प्रधान गया प्रसाद यादव और रामपुर पुआरी माझा के प्रधान ने बताया कि सरयू का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा चिंता परिवारों के साथ मवेशियों को सुरक्षित रखने और भोजन की है। फिलहाल सरयू का जलस्तर लाल निशान के करीब ठहरा हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों की नजर नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की तैयारियों को लेकर भी लगातार निगरानी की जा रही है।
बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन अलर्ट
अयोध्या में सरयू का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंचने और कछार के इलाकों में बाढ़ का असर बढ़ने के बीच प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ अब घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सरयू के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएंगे।
