EPFO Alert: एक फर्जी लिंक खाली कर सकता है बैंक अकाउंट! UAN-Aadhaar बचाने के लिए अपनाएं ये 6 तरीके
PF खाताधारकों के लिए जरूरी चेतावनी, नकली वेबसाइट और फिशिंग लिंक के जरिए ठग UAN, Aadhaar, बैंक डिटेल और OTP हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
नई दिल्ली: डिजिटल दौर में EPF से जुड़ी ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ऐसे में PF खाताधारकों के लिए साइबर फ्रॉड से सतर्क रहना बेहद ही जरूरी है। EPFO (Employees' Provident Fund Organisation) लगातार अपने सदस्यों को फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध लिंक, SMS, ईमेल और कॉल से सावधान रहने की सलाह देता है।
EPFO की आधिकारिक चेतावनी के मुताबिक, जालसाज EPFO जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट या संदेशों के जरिए लोगों से UAN, पासवर्ड, Aadhaar, PAN, बैंक अकाउंट की जानकारी और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। EPFO स्पष्ट रूप से कहता है कि ऐसी निजी या वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
https://twitter.com/officialepfo/status/2086379468856471918?s=20
किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले करें जांच
PF से जुड़ा कोई SMS, ईमेल, WhatsApp मैसेज या सोशल मीडिया संदेश मिलने पर उसमें दिए लिंक पर तुरंत क्लिक न करें। पहले यह जांच लें कि लिंक वास्तव में आधिकारिक EPFO सेवा का है या नहीं।
EPFO की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फर्जी वेबसाइट और phishing mails से सावधान रहना चाहिए। PF सेवाओं के लिए EPFO की आधिकारिक वेबसाइट और UMANG ऐप का ही इस्तेमाल करना सुरक्षित विकल्प है।
UAN और Aadhaar को सुरक्षित रखने के 6 जरूरी तरीके
1. सिर्फ आधिकारिक EPFO वेबसाइट का इस्तेमाल करें
PF बैलेंस, UAN, KYC या अन्य सेवाओं के लिए किसी अनजान वेबसाइट या लिंक पर भरोसा न करें। EPFO की आधिकारिक वेबसाइट को खुद ब्राउजर में खोलकर सेवा का इस्तेमाल करें।
2. अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
SMS, ईमेल, WhatsApp या सोशल मीडिया पर आए किसी संदिग्ध या अनवेरिफाइड लिंक को न खोलें। खासकर ऐसे संदेशों से सावधान रहें, जिनमें तुरंत कार्रवाई करने या जानकारी अपडेट करने का दबाव बनाया गया हो।
3. UAN, Aadhaar और OTP शेयर न करें
UAN, PPO, पासवर्ड, Aadhaar, PAN, बैंक अकाउंट डिटेल और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वेबसाइट के साथ साझा न करें। EPFO की आधिकारिक सुरक्षा सलाह भी इन जानकारियों को साझा न करने की चेतावनी देती है। ([EPF India][1])
4. वेबसाइट का URL ध्यान से देखें
लॉगिन करने से पहले वेबसाइट का पूरा URL जरूर जांचें। साइबर ठग कई बार असली वेबसाइट जैसे दिखने वाले डोमेन बनाकर लोगों को भ्रमित करते हैं। वेबसाइट के नाम और डोमेन की स्पेलिंग में मामूली बदलाव भी फर्जी साइट का संकेत हो सकता है।
5. संदिग्ध लिंक या वेबसाइट की रिपोर्ट करें
अगर आपको कोई संदिग्ध वेबसाइट, फिशिंग लिंक, फोन नंबर, ईमेल या सोशल मीडिया अकाउंट नजर आता है, तो उसे संबंधित आधिकारिक चैनल पर रिपोर्ट करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर संदिग्ध वेबसाइट URL, फोन नंबर, ईमेल और अन्य identifiers की रिपोर्ट करने की सुविधा उपलब्ध है।
6. EPFO अधिकारी बनकर आने वाली कॉल से रहें सावधान
अगर कोई व्यक्ति खुद को EPFO अधिकारी बताकर फोन करे और OTP, पासवर्ड, Aadhaar, PAN या बैंक संबंधी जानकारी मांगे तो उसे बिल्कुल न दें। EPFO की आधिकारिक चेतावनी के मुताबिक, उसके कर्मचारी ऐसी निजी या वित्तीय जानकारी कॉल, मैसेज या WhatsApp के जरिए नहीं मांगते।
एक छोटी गलती पड़ सकती है भारी
फर्जी लिंक पर क्लिक करके उसमें UAN, Aadhaar, बैंक डिटेल या OTP जैसी जानकारी दर्ज करना भारी पड़ सकता है। ऐसी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचने पर वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए किसी PF सेवा के लिए SMS या ईमेल में आए लिंक पर निर्भर रहने के बजाय आधिकारिक EPFO वेबसाइट या UMANG ऐप खुद खोलकर सेवा का इस्तेमाल करें।
अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल रिपोर्ट की जा सकती है।
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