Farrukhabad News: गंगाजल लेकर लौट रहे देवर-भाभी की मौत, पहले बाइक ने कुचला फिर वाहन ने मारी टक्कर
फर्रुखाबाद में इटावा-बरेली हाईवे पर सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत हो गई। दोनों रिश्ते में देवर-भाभी थे और फर्रुखाबाद से गंगाजल लेकर मैनपुरी के मारकंड मंदिर जा रहे थे।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। फर्रुखाबाद से गंगाजल लेकर मैनपुरी के मारकंड मंदिर जा रहे कांवड़ियों के जत्थे के साथ रविवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। इटावा-बरेली हाईवे पर खाटू श्याम मंदिर और हवाई पट्टी के बीच हुए सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत हो गई। मृतक आपस में देवर-भाभी थे। हादसा रविवार रात करीब 10:30 बजे हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
25 से 30 लोगों के जत्थे के साथ निकले थे
मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र के जंगपुरा गांव निवासी रामलड़ैते करीब 25 से 30 साथियों के साथ रविवार दोपहर करीब 12 बजे फर्रुखाबाद गंगा से जल लेने निकले थे। सभी कांवड़िये शाम करीब छह बजे गंगाजल लेकर मैनपुरी के मारकंड मंदिर में जल चढ़ाने के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान इटावा-बरेली हाईवे पर खाटू श्याम मंदिर और हवाई पट्टी के बीच हादसा हो गया।
बाइक में टक्कर के बाद सड़क पर गिरे
बताया गया कि एक अपाचे बाइक ने ऋषभ की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक सवार ऋषभ और पीछे बैठी गिरजा देवी सड़क पर गिर गए। इसी दौरान पीछे से आए अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान गिरजा देवी (32) और उनके मामा मायाप्रसाद के 16 वर्षीय बेटे ऋषभ के रूप में हुई है। गिरजा देवी, रामलड़ैते की पत्नी थीं और ऋषभ उनके देवर थे।
पुलिस ने शव मोर्चरी भेजे
डायल-112 से सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक अमोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। साथ ही हाईवे पर यातायात व्यवस्था को भी सुचारू कराया गया। हादसे की जानकारी मिलने पर मृतकों के परिजन लोहिया अस्पताल पहुंचे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे में शामिल अज्ञात वाहन की जानकारी जुटाई जा रही है।
तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया
गिरजा देवी के पीछे 12 वर्षीय बेटी मोहिनी, सात वर्षीय बेटा रिशु और पांच वर्षीय बेटा रितिक हैं। उनके पति रामलड़ैते खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान हुए इस हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
