संविदा पर कार्यरत शिक्षकों का होगा नियमितीकरण ? हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Amrit Vichar Network
Edited By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि 15 साल या उससे अधिक समय से संविदा पर कार्यरत शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए क्या कोई योजना है। न्यायालय ने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के ठीक तीन बाद 8 सितंबर को इस मामले की अगली सुनवाई की जाएगी। न्यायालय ने कहा कि वह इस वृहद और गंभीर मुद्दे को निर्णीत करेगी। इस दौरान राज्य सरकार को जवाबी हलफ़नामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने अमेठी जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की संविदा पर शिक्षिका अर्चना बूध की याचिका पर पारित किया है। न्यायालय ने शिक्षिका के संविदा नवीनीकरण पर रोक लगाने वाले विभागीय आदेश को अंतरिम रूप से स्थगित करते हुए, उन्हें पद पर कार्य जारी रखने की अनुमति भी दी है। याची की ओर से अधिवक्ता सक्षम अग्रवाल ने दलील दी कि वह 16 जनवरी 2010 से उक्त विद्यालय में संविदा के आधार पर शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। 

इतने वर्षों तक उनकी संविदा का समय-समय पर नवीनीकरण किया जाता रहा। हालांकि, 16 जून 2026 को विभाग द्वारा एक आदेश जारी कर उनकी संविदा का नवीनीकरण करने से मना कर दिया गया। कहा गया कि याची अब 39 वर्ष की हो चुकी हैं और अब वे किसी अन्य विद्यालय में नए सिरे से आवेदन करने के लिए भी पात्र नहीं रह गई हैं। न्यायालय ने इस रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक शिक्षक, जिसे राष्ट्र निर्माता के रूप में सम्मानित किया जाता है, उसके साथ राज्य द्वारा ऐसा व्यवहार किया जा रहा है कि 16 साल की लंबी सेवा के बाद उसे अपने हाल पर छोड़ दिया गया। न्यायालय ने यह भी पाया कि याची के विरुद्ध कोई व्यक्तिगत आरोप भी नहीं हैं।

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