Ram Mandir CEO : राम मंदिर के पूर्णकालिक सीईओ की दौड़ तेज, 18 उम्मीदवारों के इंटरव्यू पूरे; जानिए रेस में कौन है आगे
चयन समिति जल्द तीन नामों की सिफारिश कर सकती है, पूर्व IAS-IPS और सेना के अधिकारी रेस में
चयन समिति जल्द तीन नामों की सिफारिश कर सकती है, पूर्व IAS-IPS और सेना के अधिकारी रेस में; मंदिर प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और विजन पर पूछे गए सवाल
अयोध्या, अमृत विचार: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। चयन समिति ने छांटे गए 18 उम्मीदवारों के साक्षात्कार पूरे कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक समिति जल्द ही इस पद के लिए नामों की सिफारिश कर सकती है। न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि चयन समिति की ओर से सुझाए गए तीन नामों में से अंतिम नियुक्ति की जाएगी।
5200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट
राम मंदिर के पूर्णकालिक CEO पद के लिए न्यास को करीब 5,200 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 18 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चुना गया। चयनित उम्मीदवारों में सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, पूर्व IAS और IPS अधिकारी तथा दक्षिण भारत के मंदिरों से जुड़े पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। साक्षात्कार राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में किए गए, क्योंकि न्यास मंदिर के प्रशासन और रोजमर्रा के कामकाज को देखने के लिए पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति करना चाहता है।
पूर्व IAS-IPS और सेना अधिकारियों से लिए गए इंटरव्यू
चयन समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली कर रहे हैं। समिति में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को आठ उम्मीदवारों और बुधवार को चार उम्मीदवारों का साक्षात्कार हुआ। इनमें तीन पूर्व IAS अधिकारी, एक पूर्व IPS अधिकारी और चार पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे। बुधवार को पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का दूसरी बार इंटरव्यू लिया गया। बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक परेश सक्सेना भी साक्षात्कार में शामिल हुए।
मंदिर प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण पर सवाल
उम्मीदवारों से मंदिर के प्रबंधन और प्रशासन को लेकर उनकी समझ पर सवाल पूछे गए। प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर के संचालन से जुड़े मुद्दों पर भी उम्मीदवारों की राय जानी गई। इसके अलावा उम्मीदवारों से उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक एवं धार्मिक सक्रियता, राम मंदिर के लिए उनकी दूरदृष्टि और कार्ययोजना के बारे में सवाल पूछे गए। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों से व्यक्तिगत धार्मिक आचरण से जुड़े सवाल नहीं पूछे गए, बल्कि उनकी कार्यक्षमता, अनुभव और मंदिर के विकास एवं प्रबंधन को लेकर दृष्टिकोण पर ही फोकस रहा।
चढ़ावे के गबन के आरोपों के बाद लिया गया फैसला
राम मंदिर में चढ़ावे के गबन के आरोपों के बाद न्यास ने मंदिर प्रशासन को और अधिक व्यवस्थित करने के लिए पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने का निर्णय लिया है। हालांकि, CEO की नियुक्ति को लेकर अयोध्या के कुछ संतों की अलग राय भी सामने आई है। वहीं न्यास ने जगदीश आफले को अपना पहला सचिव नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। इसकी पुष्टि दो सितंबर को होने वाली न्यास की अगली बैठक में होने की संभावना है।
