डॉलर के मुकाबले फिर कमजोर हुआ रुपया, 95.68 पर खुला; कच्चे तेल की महंगाई और डॉलर की मांग ने बढ़ाया दबाव
शुरुआती कारोबार में भारतीय मुद्रा 7 पैसे फिसली; ब्रेंट क्रूड 91.34 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा, सेंसेक्स 278 अंक और निफ्टी 57 अंक नीचे; एफआईआई ने 2,535 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
मुंबई। भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे कमजोर होकर 95.68 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। घरेलू मुद्रा पर ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर की लगातार मांग का दबाव बना हुआ है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल का भाव करीब 91 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ी है। इसका असर रुपये की चाल पर दिखाई दे रहा है।
सोमवार को भी 19 पैसे टूटा था रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया मंगलवार को 95.68 प्रति डॉलर पर खुला। यह पिछले बंद भाव की तुलना में सात पैसे की गिरावट है।
इससे पहले सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे कमजोर होकर 95.61 पर बंद हुआ था। यानी लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में शुरुआती कारोबार में रुपये पर दबाव बना हुआ है।
FCNR(B) स्वैप सुविधा समय से पहले बंद होने का असर
कारोबारियों ने बताया कि रुपये पर दबाव की एक अन्य वजह भारतीय रिजर्व बैंक की रियायती FCNR(B) विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा को अनुमान से पहले बंद किया जाना भी है।
इससे भविष्य में डॉलर के प्रवाह को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी है। डॉलर की मांग मजबूत रहने और संभावित प्रवाह को लेकर अनिश्चितता के बीच रुपये की स्थिति कमजोर बनी हुई है।
डॉलर इंडेक्स में मामूली गिरावट
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.01 प्रतिशत गिरकर 99.63 पर रहा। इसके बावजूद घरेलू बाजार में रुपये पर दबाव देखने को मिला।
शेयर बाजार भी गिरावट के साथ खुला
रुपये की कमजोरी के बीच घरेलू शेयर बाजार में भी शुरुआती कारोबार में गिरावट रही। सेंसेक्स 278.32 अंक टूटकर 77,450.64 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 57.65 अंक की गिरावट के साथ 24,230.45 अंक पर कारोबार करता दिखा।
ब्रेंट क्रूड 91.34 डॉलर प्रति बैरल
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 0.52 प्रतिशत बढ़कर 91.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।
एफआईआई ने 2,535 करोड़ रुपये के शेयर बेचे
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 2,535.10 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भी घरेलू बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।
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