यूपी में छात्र-युवा मुद्दों को लेकर ‘GEN-Z महाजुटान यात्रा’ का ऐलान, 9 सितंबर से शुरू होगा अभियान

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

आइसा के ‘GenZ Rising’ अभियान के यूपी चैप्टर की ओर से प्रदेशव्यापी यात्रा की घोषणा; पेपर लीक, फीस, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर छात्रों-युवाओं को जोड़ने का दावा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में छात्र-युवा मुद्दों को लेकर ‘GEN-Z महाजुटान यात्रा’ की घोषणा की गई है। आइसा के ‘GenZ Rising’ अभियान के उत्तर प्रदेश चैप्टर और जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े नेताओं की ओर से मंगलवार, 18 अगस्त को यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में इस प्रदेशव्यापी अभियान की घोषणा की गई।

आइसा के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और युवाओं से जुड़े मौजूदा आंदोलनों और स्थानीय सवालों तक पहुंचना तथा उन्हें व्यापक छात्र-युवा आंदोलन से जोड़ना है। यात्रा में मुख्य रूप से नेहा और मनीष शामिल रहेंगे। कुछ स्थानों पर JNUSU अध्यक्ष अदिति और सह सचिव दानिश के भी जुड़ने की बात कही गई है।

पेपर लीक से लेकर फीस और रोजगार तक उठेंगे सवाल

आइसा का कहना है कि प्रदेश में छात्रों और युवाओं के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। संगठन ने 12 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया।

इसके बाद 25 जुलाई को प्रयागराज, लखनऊ, झांसी और सहारनपुर समेत कई जिलों में पेपर लीक, निष्पक्ष परीक्षा और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शनों का हवाला दिया गया।

संगठन के मुताबिक, छात्रों के मुद्दे केवल परीक्षा और पेपर लीक तक सीमित नहीं हैं। 31 जुलाई को लखनऊ में फीस वृद्धि, छात्रसंघ चुनाव की बहाली और छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ विरोध हुआ।

SC/ST छात्रों से लेकर मेडिकल इंटर्न तक के मुद्दे शामिल

आइसा ने बताया कि 9 अगस्त को अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के SC/ST छात्रों ने ईको गार्डन में प्रदर्शन किया। संगठन के अनुसार, छात्रों ने कॉलेजों में लागू 70 प्रतिशत SC/ST प्रवेश व्यवस्था को बनाए रखने और उसे कानूनी सुरक्षा देने की मांग उठाई।

इसके अलावा 10 अगस्त को KGMU के इंटर्न डॉक्टरों के सम्मानजनक स्टाइपेंड की मांग को लेकर प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया है।

संगठन के अनुसार, 11 अगस्त को 56 दिनों के संघर्ष के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन छात्रों का निष्कासन वापस लिया। वहीं 14 और 17 अगस्त को लखनऊ में स्कूली छात्रों के शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरने का भी दावा किया गया।

‘अलग-अलग मुद्दे नहीं, एक बड़े संकट की अभिव्यक्ति’

आइसा का कहना है कि ये सभी घटनाएं अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि छात्र और युवा वर्ग के सामने मौजूद व्यापक समस्याओं से जुड़ी हैं। संगठन ने सस्ती और सुलभ शिक्षा, सामाजिक न्याय, निष्पक्ष परीक्षा एवं भर्ती, रोजगार, सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों को इस अभियान के प्रमुख सवालों के रूप में सामने रखा है।

संगठन का कहना है कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान अलग-अलग मुद्दों के एक साथ आने से व्यापक राष्ट्रीय आवाज बनी और अब उसी प्रक्रिया को उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

9 सितंबर से शुरू होगी यात्रा, इन शहरों में होगा महाजुटान

घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, GEN-Z महाजुटान यात्रा 9 सितंबर को इलाहाबाद से शुरू होगी। इसके बाद अलग-अलग शहरों में महाजुटान प्रस्तावित हैं।

तारीख शहर
9 सितंबर इलाहाबाद
10 सितंबर रायबरेली
12 सितंबर बनारस
13 सितंबर आजमगढ़
14 सितंबर गोरखपुर
15 सितंबर फैजाबाद
17 सितंबर लखनऊ
18 सितंबर मेरठ

आइसा के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य केवल अलग-अलग शहरों में नेताओं के भाषण आयोजित करना नहीं है। संगठन स्थानीय छात्रों और युवाओं के मुद्दों को प्रदेशव्यापी छात्र-युवा आंदोलन के व्यापक सवालों से जोड़ने की कोशिश करेगा।

स्थानीय मुद्दों को प्रदेशव्यापी आंदोलन से जोड़ने का दावा

यात्रा के आयोजकों के मुताबिक, हर पड़ाव पर स्थानीय संघर्षों, मांगों और छात्र-युवा समूहों से संवाद किया जाएगा। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े व्यापक मुद्दों के साथ स्थानीय समस्याओं को जोड़ने की रणनीति अपनाई जाएगी।

आइसा नेताओं ने कहा कि उनके अनुसार जंतर-मंतर आंदोलन किसी आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि व्यापक छात्र-युवा उभार की शुरुआत थी और GEN-Z महाजुटान यात्रा उसी प्रक्रिया को उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ाने का प्रयास है।

यह भी पढ़ेंः सोशल मीडिया पर छाया UP Police का पहला Official Song, अमिताभ-शंकर महादेवन की जोड़ी ने जमाया रंग!

संबंधित समाचार