Bahraich-Khalilabad Rail Project: रेल मंत्री से मिले पूर्व सांसद, बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर में काम तेज कराने की उठी मांग
दद्दन मिश्रा ने अश्विनी वैष्णव को सौंपा पत्र, भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्य तक की उच्चस्तरीय समीक्षा और तेजी लाने की मांग
श्रावस्ती: बहुप्रतीक्षित बहराइच-खलीलाबाद नई रेल लाइन परियोजना को लेकर निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग तेज हो गई है। इसी सिलसिले में पूर्व सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा ने मंगलवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और उन्हें पत्र सौंपकर परियोजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने की मांग की।
पूर्व सांसद ने रेल मंत्री से बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों में परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण, सर्वेक्षण और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया।
आजादी के दशकों बाद भी रेल संपर्क से दूर श्रावस्ती
रेल मंत्री को सौंपे पत्र में दद्दन मिश्रा ने कहा कि श्रावस्ती आज भी देश के उन पिछड़े जिलों में शामिल है, जहां रेल संपर्क उपलब्ध नहीं है। आजादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद जिले से होकर कोई रेल लाइन नहीं गुजरती।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे बुजुर्ग हैं, जिन्होंने अपने जीवन में कभी रेलगाड़ी को सामने से नहीं देखा। ऐसे में जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।
2018 में मिली थी परियोजना को मंजूरी
पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 2018 में बहराइच-खलीलाबाद नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी थी।
प्रस्तावित रेल लाइन भिनगा, श्रावस्ती, बलरामपुर, उतरौला और डुमरियागंज होते हुए खलीलाबाद तक जाएगी। परियोजना के लिए समय-समय पर बजट का प्रावधान किए जाने के साथ संबंधित जिलों में भूमि अधिग्रहण के लिए धनराशि भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
कुछ जिलों में काम तेज, यहां रफ्तार धीमी
पूर्व सांसद के मुताबिक, परियोजना के संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर हिस्से में काम अपेक्षाकृत तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में परियोजना की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो सकी है।
निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण इन जिलों के लाखों लोगों को रेल सुविधा का इंतजार करना पड़ रहा है।
भूमि अधिग्रहण से निर्माण तक तेजी की मांग
दद्दन मिश्रा ने रेल मंत्री से मांग की कि परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण, सर्वेक्षण और निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने परियोजना की नियमित उच्चस्तरीय समीक्षा कराने का भी आग्रह किया, ताकि काम में आ रही बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके।
पूर्व सांसद ने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है।
अब क्षेत्र के लोगों की नजर इस बात पर है कि रेल मंत्रालय की ओर से परियोजना की समीक्षा और संबंधित जिलों में निर्माण कार्य को गति देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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