Bareilly News : 85 मेधावियों पर हुई मेडल की बरसात, 104 को शोधार्थियों को उपाधि
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल दीक्षांत समारोह में ऑनलाइन जुड़ीं, ऑनलाइन किया कृषि संकाय, विवेकानंद प्रेरणास्थल का उद्घाटन
बरेली स्थित रुहेलखंड विवि का दीक्षांत समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। बारिश के कारण राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने ऑनलाइन जुड़कर कृषि संकाय और विवेकानंद प्रेरणास्थल का उद्घाटन किया। समारोह में 71 छात्राओं सहित 85 मेधावियों ने स्वर्ण पदक हासिल किए।
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबाफुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय मंगलवार को अपने 24 वें दीक्षांत समारोह के रंग में रंगा दिखा। राज्यपाल व कुलाधिपति को कार्यक्रम में शामिल होना था मगर भारी बारिश की वजह से वह बरेली नहीं पहुंचीं और ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल हुईं। अटल सभागार में यूजी व पीजी के 85 मेधावियों को गोल्ड मेडल और 104 शोधार्थियों को उपाधि व एक मानद उपाधि दी गई।
दीक्षांत समारोह में कुल 100631 छात्र-छात्राओं को उपाधियां डिजिलॉकर पर अपलोड करके दी गईं। डिग्री हासिल करने वाले वालों में 62 प्रतिशत और 38 प्रतिशत छात्र शामिल रहे। 85 गोल्ड मेडलिस्ट में 71 छात्राएं और 14 छात्र शामिल थे। सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम की मेजबाजी विवि के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने की। मुख्य अतिथि डॉ. राकेश कुमार थे, जो भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग में पूर्व संयुक्त सचिव, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष और यूएनडीपी इंडिया के पूर्व मुख्य सलाहकार रह चुके हैं।

विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर पीबी सिंह, कुलपति, शुकदेवानंद विश्वविद्यालय, शाहजहांपुर, अति विशिष्ट अतिथि सांसद छत्रपाल गंगवार रहे। कुलाधिपति ने ऑनलाइन स्वर्ण जयंती द्वार’ स्थित ‘युवा प्रेरणा स्थल’ पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही पीएम-उषा के तहत नवीनीकृत कृषि एवं प्रौद्योगिकी संकाय का लोकार्पण किया गया। सभी मेहमान कार्य परिषद, विद्या परिषद के सदस्य शोभायात्रा में शामिल होकर अटल सभागार पहुचे। स्कूली बच्चों ने सांस्कृति कार्यक्रम पेश कर समां बांधा, मिट्टी की चिट्ठी गाने पर स्कूली बच्चों की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया।

इस दौरान दो शिक्षकों को ‘सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ से नवाजा गया। इनमें विश्वविद्यालय परिसर से प्रोफेसर विनय ऋषिवाल (अधिष्ठाता, छात्र कल्याण एवं अध्यक्ष, सीएसआईटी विभाग) व संघटक महाविद्यालय मीरापुर बांगर, बिजनौर से डॉ. सचिन कुमार शामिल रहे। सीडीओ देवयानी और एसपी साउथ अंशिका वर्मा को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विवि की वार्षिक पुस्तिका सहित दूसरे प्रकाशनों का विमोचन भी हुआ।

शोध प्रकाशन बढ़कर एक हजार प्रतिवर्ष से ज्यादा: कुलपति
कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर का संस्थान बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले दो से तीन वर्षों में कैंपस और घटक महाविद्यालयों में सीधे नामांकित विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 30 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया कि वर्ष 2019-20 में विश्वविद्यालय के केवल 297 शोध प्रकाशन थे, जबकि अब प्रतिवर्ष एक हजार से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो रहे हैं। पेटेंट की संख्या भी एक से बढ़कर 185 से अधिक हो गई है।

विश्वविद्यालय में पंडित राधेश्याम शर्मा कथावाचक, दीनदयाल उपाध्याय, आला हजरत, डॉ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले शोध पीठ स्थापित कर उन्हें सक्रिय रखा गया है। छह साल में विद्यार्थियों का नामांकन 2 हजार से बढ़कर 8,500 तक पहुंच गया है। दो नए विश्वविद्यालय बनने के बाद संबद्ध महाविद्यालयों की संख्या घटने से अब विश्वविद्यालय सीधे नामांकन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। विवि में सात अप्रेंटिसशिप आधारित पाठ्यक्रम और सात डिप्लोमा कोर्स शुरू हुए हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने 36 राष्ट्रीय, 14 अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू साइन किए हैं। विवि में कुल 55 विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।

कुलपति ने कहा कि हम विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्व भी निभा रहे हैं। आंगनबाड़ियों को मेडिकल किट, टीबी मरीजों को पोषण सहायता, दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए स्कूल संचालन और गांवों में विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और सामाजिक संबंधों को डिजिटल युग में भी बनाए रखने का आह्वान किया।
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