KGMU में 80 नए कर्मचारी दो महीने से बिना तैनाती, रोज हाजिरी लगाकर लौट रहे; प्रशासनिक खींचतान से मरीजों की सेवा प्रभावित
टेक्नीशियन और पैरामेडिकल पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को ज्वाइनिंग के बाद भी विभाग नहीं मिला; प्रशासनिक कारणों से तैनाती अटकी, KGMU ने जल्द पोस्टिंग का दिया भरोसा
लखनऊ, अमृत विचार : स्टाफ की कमी बताकर सेवाएं प्रभावित होने की बात कहने वाले केजीएमयू में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां नियमित पदों पर नियुक्त 80 नए कर्मचारी खाली बैठे हैं। ज्वाइनिंग के दो महीने बाद भी नव नियुक्त कर्मचारियों को विभागवार तैनात नहीं दी गई है। प्रशासनिक अडंगेबाजी के चलते कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पा रही है।
दरअसल, करीब दो माह पहले विश्वविद्यालय ने 80 कर्मचारियों को टेक्नीशियन और पैरामेडिकल पदों पर ज्वाइन कराया था। ज्वाइनिंग के बाद से सभी को रोज सुबह 9 बजे कलाम सेंटर बुलाया जाता है। शाम 5 बजे तक उपस्थिति दर्ज कराकर वापस भेज दिया जाता है। दो महीने बीत गए, लेकिन विभागवार तैनाती का आदेश नहीं निकला।
केजीएमयू की ओपीडी में रोज 7 से 8 हजार मरीज आते हैं। 4000 बेड वाले अस्पताल में ज्यादातर बेड भरे रहते हैं। प्रशासनिक काम भी बढ़ा है। पुराने कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ है, वहीं नए कर्मचारी काम मांग रहे हैं। जिन विभागों में स्टाफ की कमी बताई जाती है, वहीं नियुक्त लोग तैनाती का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे काम के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासनिक अडंगेबाजी के कारण उन्हें तैनात नहीं किया जा रहा। इससे सरकारी धन की भी बर्बादी हो रही है। 80 कर्मचारियों के वेतन पर हर महीने लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन उनकी सेवाओं का उपयोग नहीं हो पा रहा।प्रशासनिक खींचतान की भेंट चढ़ी तैनाती
प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि प्रशासनिक कारणों से नव नियुक्त कर्मचारियों को तैनाती नहीं दी गई है। जल्द ही तैनाती प्रदान की जाएगी।
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