भदोही को फिर मिलेगा संत रविदास नगर का नाम, महापुरुषों को सम्मान देने की पहल

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Edited By Anjali Singh
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- वाराणसी में समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ - संत रविदास की 650वीं जयंती पर की बड़ी घोषणाएं

वाराणसी/लखनऊ, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित समरसता संकल्प अभियान के शुभारंभ समारोह में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि भदोही को फिर से संत रविदास नगर के नाम से जाना जाएगा और इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महापुरुषों के सम्मान और सामाजिक समरसता के लिए लगातार काम कर रही है।

सपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की सरकार ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम हटाया था, जिसे उनकी सरकार ने दोबारा बहाल किया। उन्होंने बताया कि औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया। योगी ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने संत रविदास के नाम पर बने जिले का नाम भी बदल दिया था, जिसे अब फिर से बहाल किया जाएगा।

महापुरुषों की प्रतिमाओं पर बनेगी छतरी

योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि प्रदेश में जहां-जहां संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि, बाबा साहब आंबेडकर और सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाएं बिना छतरी के हैं, वहां राज्य सरकार अपने खर्च पर छतरी का निर्माण कराएगी।

एयरपोर्ट नामकरण का किया उल्लेख

सीएम योगी ने कहा कि जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत रविदास महाराज और अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के सम्मान का विरोध वही लोग करते हैं, जो समाज को बांटने की राजनीति करते हैं।

संत रविदास के आदर्शों पर चलने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने संत रविदास के प्रसिद्ध दोहे "ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न..." का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिना किसी भेदभाव के 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संत रविदास के समतामूलक समाज के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।

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