लखनऊ में प्रदेशभर के शिक्षक प्रतिनिधियों का जमावड़ा, कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा जारी

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Edited By Virendra Pandey
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प्रदेश स्तरीय संयुक्त बैठक में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों पर मंथन

लखनऊ के राजभवन स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स भवन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश स्तरीय संयुक्त बैठक जारी है। शिक्षकों की मांगों और संगठन की रणनीति पर मंथन हो रहा है।

लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश स्तरीय संयुक्त बैठक बुधवार को राजधानी लखनऊ में राजभवन स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स भवन में जारी है। बैठक में प्रदेश भर से आए संघ के पदाधिकारी और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, लंबित मांगों, नई शिक्षा नीतियों, सेवा संबंधी समस्याओं और आगामी संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

इसके साथ ही सरकार के समक्ष प्रमुख मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने की रूपरेखा भी तय किए जाने की संभावना है। बैठक के समापन के बाद संघ की ओर से लिए गए निर्णयों और प्रस्तावों की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। बैठक प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे के नेतृत्व में हो रही है। बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष अभिमन्यु प्रसाद तिवारी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हैं।

पूर्व प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम तीर्थ मिश्रा,पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष AIPTF गीता पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिति रहे। साथ ही प्रांतीय कार्यसमिति व प्रदेश के लगभग 72 जिलों के जिला अध्यक्ष मंत्री शामिल हुए। मुख्य अतिथि अभिमन्यु प्रसाद तिवारी ने कहा शिक्षकों की एकता व संघर्ष से पंचम वेतन आयोग का लाभ मिला।उन्होंने शिक्षा,शिक्षक, भावी पीढ़ी के हितों के लिए एकजुट हो जाने का आह्वान किया।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए ब्लॉक स्तर पर सक्रिय व संगठन के प्रति समर्पित शिक्षकों को शामिल करते हुए कार्यकारणी का पुनर्गठन करते हुए जिला स्तर पर एकजुट रहकर संगठन को सशक्त बनाने व शिक्षक हितों की आवाज उठाने पर जोर दिया गया।
 
प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ से मान्यता प्राप्त एकमात्र संगठन है। सभी शिक्षकों को वास्तविक संगठन को पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एकजुट रहते हुए ही शिक्षक समस्याओं का त्वरित समाधान कराया जा सके। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा टेट प्रकरण से लाखों शिक्षकों की नौकरी प्रभावित हो रही है कई ज्ञापनों के बाद भी सरकार द्वारा निर्णय न लेना शिक्षकों के सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है।
 
उन्होंने पुरानी पेंशन लागू कर शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने की मांग उठाई। संबोधन में कहा कि विभागीय अधिकारियों के लचर रवैये की वजह से शिक्षक समस्याओं का अंबार लगता जा रहा है। अधिकारी द्वारा शिक्षको के लंबित देयकों का भुगतान समय पर न करने पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की मांग की।उन्होंने कहा हम शिक्षक हितों के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने को तैयार है।

प्रांतीय कार्य समिति ने शैक्षणिक आदेशों के इतर रोज जारी हो रहे दर्जनों आदेशों पर रोक लगाने व बिना स्पष्टीकरण के शिक्षकों का वेतन रोकने पर आपत्ति जताई। विद्यालय स्तर पर विभिन्न विभागीय कार्यों से शिक्षकों पर बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए एक कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति,कोरोना काल में विद्यालय समयावधि में किए गए परिवर्तन को वापस लेने एवं पूर्व विद्यालय समयावधि को लागू करने, शिक्षकों का खंड शिक्षा अधिकारी पदों पर पदोन्नति देने की मांग की।

बैठक में प्रांतीय कार्यसमिति के साथ, सभी जिलों से आए जिला अध्यक्ष मंत्रियों ने एक स्वर में प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे की नेतृत्व वाली कार्य समिति पर एकमत से विश्वास जताते हुए हम चले मूल संगठन के साथ नारा देते हुए एकजुटता  की प्रतिबद्धता दिखाई।

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