परिसीमन बिल पर बढ़ी सियासी हलचल, 16-18 अगस्त के बीच विशेष सत्र की तैयारी! राहुल गांधी से मिले किरेन रिजिजू

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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संसद के गतिरोध को खत्म करने की कोशिश तेज, सरकार विपक्षी दलों से साध रही संपर्क; FCRA संशोधन बिल भी अगले सप्ताह लाने की तैयारी

नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध को समाप्त करने की कोशिशों के बीच परिसीमन बिल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच बुधवार को लंबी बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में परिसीमन बिल पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को लेकर बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि सरकार 15 अगस्त के बाद विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है।

16 से 18 अगस्त के बीच विशेष सत्र की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, सरकार 16 से 18 अगस्त के बीच विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन बिल पर चर्चा कराने और उसे पारित कराने की कोशिश कर सकती है। इस दिशा में सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों से बातचीत कर रही है, ताकि विधेयक को लेकर व्यापक सहमति बनाई जा सके।

संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से संवाद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, अन्य विपक्षी दलों से बातचीत के लिए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल और एस. मुरुगन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये नेता अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे।

अगले सप्ताह FCRA संशोधन बिल लाने की तैयारी

परिसीमन बिल के साथ सरकार अगले सप्ताह Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 यानी एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 को भी संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। इस विधेयक के जरिए विदेशी अंशदान से संबंधित मौजूदा कानून में संशोधन का प्रस्ताव है।

हालांकि, विशेष सत्र की तारीख और उसके एजेंडे को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस संबंध में औपचारिक फैसला लिया जा सकता है।

परिसीमन बिल का कांग्रेस पहले ही कर चुकी है विरोध

परिसीमन बिल को लेकर कांग्रेस का रुख पहले से स्पष्ट है। मानसून सत्र से पहले हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी ने तय किया था कि सरकार द्वारा परिसीमन बिल लाए जाने की स्थिति में कांग्रेस इसका विरोध करेगी।

क्या है परिसीमन बिल?

परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों का संबंध लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के पुनर्निर्धारण से है। खबर के अनुसार, सरकार महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए परिसीमन से जुड़े प्रावधानों वाला विधेयक फिर से संसद में लाना चाहती है।

प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के बाद लोकसभा में सदस्यों की संख्या 543 से बढ़कर 850 किए जाने की बात कही गई है। इनमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित हैं। विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन का प्रस्ताव बताया गया है।

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