पूर्व आरक्षी सुनील शुक्ला की बर्खास्तगी को सेवा अधिकरण में चुनौती, बहाली की मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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संविधान के अनुच्छेद 311(2) के तहत हुई कार्रवाई पर उठाए सवाल, नियमित विभागीय जांच और पक्ष रखने का अवसर नहीं मिलने का दावा

लखनऊ, अमृत विचारः यूपी पुलिस के चर्चित पूर्व आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला की सेवा से बर्खास्तगी को चुनौती देते हुए आज उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण में याचिका दायर की गई। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर तथा अधिवक्ता दीपक कुमार द्वारा प्रस्तुत की गई। याचिका में बर्खास्तगी आदेश को विधि एवं तथ्यों के आधार पर चुनौती देते हुए उसे निरस्त किए जाने तथा याचिकाकर्ता को सेवा में पुनर्स्थापित करने एवं अन्य विधिसम्मत सेवा लाभ प्रदान किए जाने का अनुरोध किया गया है।

नूतन ठाकुर ने बताया कि याचिका का प्रमुख आधार यह है कि याचिकाकर्ता की सेवाएँ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2) के द्वितीय प्रावधान का सहारा लेकर समाप्त की गईं, जबकि याचिकाकर्ता के अनुसार इस मामले में उक्त संवैधानिक प्रावधान का प्रयोग विधिसम्मत नहीं था। याचिका में कहा गया है कि इसके परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता को नियमित विभागीय जांच एवं अपना पक्ष रखने का संवैधानिक अवसर प्राप्त नहीं हो सका।

याचिका में यह भी कहा गया है कि सुनील कुमार शुक्ला द्वारा पुलिस विभाग में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के संबंध में सार्वजनिक रूप से आवाज उठाने के बाद उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनकी बर्खास्तगी तथ्य एवं विधि, दोनों दृष्टियों से गलत है।

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