Good News : अब बांदा-बहराइच हाईवे बनेगा फोरलेन, दुर्घटनाओं में आएगी कमी, सफर होगा आसान

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से होगी सीधी कनेक्टिविटी

बाराबंकी से रायबरेली सीमा तक बांदा-बहराइच स्टेट हाईवे का 58.2 किमी हिस्सा तीन चरणों में फोरलेन होगा। परियोजना से अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यातायात सुगम बनेगा।

डिजिटल डेस्क, अमृत विचार। प्रदेश में सड़क मार्ग बेहतर करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार काम कर रही है। इस कड़ी में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए बांदा-बहराइच स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बाराबंकी से रायबरेली सीमा स्थित कुंभी तरौंजा गांव तक करीब 58.2 किलोमीटर लंबे मार्ग को वर्ष 2030 तक तीन चरणों में फोरलेन करने का प्रस्ताव तैयार किया है। परियोजना पूरी होने के बाद यातायात सुगम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

पहले चरण में 16 किमी सड़क होगी फोरलेन

लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने पहले चरण में बाराबंकी से भानमऊ तक करीब 16 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव के अनुसार सड़क की कुल चौड़ाई 27 मीटर होगी, जिसमें दोनों ओर नालों के साथ डिवाइडर का भी निर्माण किया जाएगा।

तीन चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

परियोजना के दूसरे चरण में भानमऊ से नई सड़क तक करीब 20 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोरलेन बनाया जाएगा। इस चरण का निर्माण वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तीसरे चरण में नई सड़क से हैदरगढ़ के दौलतपुर स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अंडरपास तक करीब 8 किलोमीटर और वहां से रायबरेली सीमा के कुंभी तरौंजा गांव तक करीब 13 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। इस हिस्से का निर्माण वर्ष 2029 से 2030 के बीच पूरा कराने की योजना है।

अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अजीत सोनकर ने बताया कि लखनऊ महानगर क्षेत्र (एसीआर) में बाराबंकी के शामिल होने के बाद बांदा-बहराइच स्टेट हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।

उन्होंने कहा कि बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़क को तीन चरणों में फोरलेन करने की योजना बनाई गई है। परियोजना पूरी होने के बाद यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, सफर तेज और सुरक्षित बनेगा तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

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