Hathras News : स्टेशनरी व्यापारी के पास कहा से आये 5666 टन सिक्के, कॉइनेज एक्ट में दर्ज हुआ मामला 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक व्यापारी के पास से 5.5 टन से अधिक सिक्के बरामद होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। भारी मात्रा में मिले सिक्कों के स्रोत और लेनदेन की जांच की जा रही है। जानिए पूरा मामला और अधिकारियों की कार्रवाई।

हाथरस। हाथरस जिले में 'कॉपी-किताब' के एक व्यापारी की दुकान और घर से 5.6 टन से अधिक सिक्के जब्त किये गये हैं। मामले की जांच के लिये पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गयी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) चिरंजीव नाथ सिन्हा ने मंगलवार को बताया कि व्यापारी के खिलाफ सिक्‍का-निर्माण अधिनियम 2011 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है और वह अब भी फ़रार है। 

उन्होंने बताया कि यह पुलिस कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा गत एक अगस्त को नवीन कुमार की नयागंज स्थित दुकान और हनुमान गली में पास ही स्थित उसके घर पर की गई छापेमारी के बाद हुई है। 

सिन्हा ने बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुमार की दुकान और मकान में बड़ी मात्रा में सिक्के जमा किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों ही जगहों पर प्लास्टिक की कुल 106 बोरिया जब्त की गयीं। 

उन्होंने कहा, ''इतनी बड़ी मात्रा में सिक्कों की गिनती करना संभव नहीं था, इसलिए उनका वज़न किया गया। कुल वजन 5666 किलोग्राम निकला। इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के क्यों जमा किए गए थे, यह जांच का विषय है।'' 

इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के रखना गैरकानूनी 

सिन्हा ने कहा कि सिक्का-निर्माण अधिनियम में सिक्कों को नष्ट करने, उन्हें वैध मुद्रा के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने या प्रतिबंधित परिस्थितियों में अपने पास रखने पर रोक है।  उन्होंने कहा कि इन अपराधों के लिए अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सिक्के कहां से आए और उनकी आपूर्ति कहां की जानी थी, इसका पता लगाने के लिए एक पुलिस टीम बनाई गई है। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान, व्यापारी के एक रिश्तेदार ने अधिकारियों को बताया था कि इस कारोबार में तीन से चार प्रतिशत कमीशन पर सिक्कों का आदान-प्रदान किया जाता था। 

दिल्ली में बेचने की आशंका 

उसने दावा किया कि 500 रुपये और 1,000 रुपये मूल्य के सिक्कों वाले पैकेट दिल्ली में मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर भेजे जाते थे और ये सिक्के भारतीय स्टेट बैंक से लाए जाते थे। पुलिस ने कहा कि मामले के कई पहलू अब भी साफ नहीं हैं और आरोपी की गिरफ्तारी और उससे पूछताछ के बाद और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

कॉइनेज एक्ट-2011 

इस कानून के तहत एक व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सिक्के जमा करके नहीं रख सकता है और न ही गला सकता है। भारत सरकार द्वारा जारी सिक्के ही कानूनी रूप से वैध मुद्रा हैं। सिक्कों को लेने से मना करना या उनकी अवैध कालाबाजारी करना कानूनी अपराध है। इस कानून को तोड़ने वाले पर इस अधिनियम के तहत अधिकतम 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। और इस केस में 106 कट्टों में भरे 5,666 किलोग्राम सिक्के पुलिस ने बरामद किये है जिसके लिए कॉइनेज एक्ट के तहत आरोपी कारोबारी के खिलाफ धारा 12 और 13 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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