इमरान खान की तबीयत पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, प्राइवेट अस्पताल ले जाने का आदेश
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को चिकित्सकीय जांच के लिए इस्लामाबाद के निजी अस्पताल में ले जाने का आदेश दिया है। अदालत ने उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को चिकित्सकीय जांच के लिए निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह निर्देश उनकी आंखों से जुड़ी बीमारी के मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया।
अगले कुछ दिनों में अस्पताल ले जाने का आदेश
न्यायमूर्ति शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने निर्देश दिया कि इमरान खान को अगले कुछ दिनों में इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए। याचिकाकर्ताओं ने खान को अस्पताल में भर्ती कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि वे सरकारी अस्पतालों में मिल रहे इलाज से संतुष्ट नहीं हैं। अदालत ने कहा कि कैदी के मौलिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करना जरूरी है।
आंख की बीमारी का चल रहा है इलाज
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। जनवरी के अंत में उनकी दाहिनी आंख में केंद्रीय रेटिनल शिरा अवरोध (CRVO) की बीमारी का पता चला था। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए कई बार इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया।
जेल अधिकारियों ने इलाज को बताया उचित
अडियाला जेल अधिकारियों का कहना है कि बीमारी सामने आने के बाद से इमरान खान का उचित इलाज किया जा रहा है। पीआईएमएस के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख डॉ. मुहम्मद आरिफ खान और रावलपिंडी स्थित अलशिफा ट्रस्ट आई हॉस्पिटल के डॉ. नदीम कुरैशी ने उनका उपचार किया है। इससे एक दिन पहले जेल अधिकारियों ने दावा किया था कि इमरान खान की दृष्टि “लगभग सामान्य” है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए निजी अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराने का निर्देश दिया है।
