लखनऊ : इंदिरानगर सावन महोत्सव में बड़ा हादसा, 50 फिट झूले की ट्राली टूटने से दो युवतियों की हालत गंभीर; सात घायल
लखनऊ के इस्माइलगंज में सावन मेले के दौरान जायंट व्हील झूले की ट्रॉली टूटकर गिर गई। हादसे में दो किशोरियों समेत सात लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मेला संचालक से अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।
लखनऊ, अमृत विचार। गाजीपुर थाना क्षेत्र के इस्माइलगंज चौकी के पास चल रहे इंदिरानगर सावन महोत्सव में मंगलवार रात बड़ा हादसा हो गया। जायंट व्हील झूले की एक ट्रॉली टूटकर नीचे गिर गई। हादसे में झूले पर बैठीं दो किशोरियों समेत सात लोग घायल हो गए। दो किशोरियों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को पास स्थित सुषमा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
झूले की ट्रॉली टूटकर किशोरी के मुंह पर गिरी
जानकारी के मुताबिक, इंदिरानगर के इस्माइलगंज में सुषमा अस्पताल के पास एक अगस्त से सावन महोत्सव चल रहा है। मेला 30 सितंबर तक प्रस्तावित है। मंगलवार शाम विभूतिखंड के नया गांव विजयीपुर निवासी 14 वर्षीय अंकिता सिंह अपने भाई-बहनों और दोस्तों के साथ मेला घूमने पहुंची थी। करीब 7:30 बजे सभी मेले में पहुंचे और कुछ देर बाद झूला झूलने चले गए। बताया गया कि इसी दौरान जायंट व्हील झूले की एक ट्रॉली टूटकर नीचे गिर गई और अंकिता के चेहरे पर जा लगी। हादसे के बाद वहां चीख-पुकार मच गई।
लोगों का आरोप- चीखते रहे, फिर भी नहीं रोका झूला
परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद झूले पर बैठे लोगों ने संचालक से झूला रोकने के लिए कहा, लेकिन तत्काल झूला नहीं रोका गया। आरोप है कि इसी दौरान नैंसी भी झूले की चपेट में आ गई और एक अन्य लड़की भी घायल हो गई। शोर बढ़ने के बाद झूला रोका गया। इसके बाद सभी घायलों को उपचार के लिए सुषमा अस्पताल पहुंचाया गया। अंकिता और नैंसी की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं विमलनगर वासुदेव डिग्री कॉलेज के पास रहने वाली 16 वर्षीय निशा कुमारी का भी इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक एक किशोरी को मल्टीपल फ्रैक्चर की आशंका है। एक्स-रे के बाद चोटों की स्थिति स्पष्ट होगी।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
घटना के बाद मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। घायल नैंसी का आरोप है कि हादसे के बाद भी झूला तत्काल नहीं रोका गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी मेले की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने और आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि मेले में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। उनका यह भी कहना है कि हादसे के बाद मेला संचालक मौके से चला गया।
मेला संचालक से मांगे गए अनुमति के दस्तावेज
हादसे के बाद गाजीपुर पुलिस ने मेला संचालक से अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। गाजीपुर एसीपी अतुल कुमार पांडेय ने बताया कि संचालक ने मेला लगाने की अनुमति होने की बात कही है। उससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। पुलिस के मुताबिक, यदि अनुमति के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मेले का संचालन किसकी अनुमति से और किन शर्तों के तहत हो रहा था, इसकी भी जांच की जाएगी। गाजीपुर इंस्पेक्टर के मुताबिक, तहरीर मिलने पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
