भारत से गंगा जलसंधि में ‘गारंटी’ क्लॉज पर अड़ा बांग्लादेश, UN जाने की दे रहा धमकी; जानिए क्या है पूरा मामला  

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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बांग्लादेश भारत के साथ गंगा जल संधि के नवीनीकरण में ‘गारंटी की शर्त’ शामिल करने की मांग करेगा। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जल अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का रुख भी किया जा सकता है।

ढाका। भारत के साथ गंगा जल संधि के नवीनीकरण को लेकर बांग्लादेश ने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है। बांग्लादेश की सरकार संधि के नए समझौते में ‘गारंटी की शर्त’ शामिल करने की मांग करेगी। साथ ही उसने अपने जल अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय मंचों का रुख करने के संकेत भी दिए हैं।

दिसंबर में खत्म हो रही है गंगा जल संधि

बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी अनी ने मंगलवार को ढाका में आयोजित एक संगोष्ठी में कहा कि उनका देश गंगा जल संधि पर दोबारा बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। यह संधि दिसंबर में समाप्त होने वाली है। 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच सूखे के मौसम में गंगा के पानी के बंटवारे को लेकर यह समझौता हुआ था। दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में जल बंटवारा लंबे समय से अहम मुद्दा रहा है।

क्या है ‘गारंटी की शर्त’?

बांग्लादेश चाहता है कि नए समझौते में ‘गारंटी की शर्त’ को फिर से शामिल किया जाए। यह प्रावधान 1977 की गंगा जल संधि में था, लेकिन 1996 के समझौते में इसे हटा दिया गया था। इस प्रावधान का उद्देश्य सूखे के मौसम या नदी का जलस्तर अचानक कम होने की स्थिति में निचले प्रवाह वाले देश को पानी की एक निश्चित मात्रा उपलब्ध कराने की गारंटी देना था।

पानी के समझौतों में ‘सूचना का अधिकार’ चाहता है बांग्लादेश

जल संसाधन मंत्री अनी ने भविष्य में होने वाले पानी के बंटवारे से जुड़े समझौतों में ‘सूचना का अधिकार’ संबंधी प्रावधान शामिल करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अपने जल अधिकारों को लेकर समझौता चाहता है और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का रुख करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत बांग्लादेशी लोगों के अधिकारों और भावनाओं को समझेगा और उनका सम्मान करेगा।

भारत का क्या कहना है?

गंगा जल संधि के नवीनीकरण को लेकर बांग्लादेश नए समझौते की मांग कर रहा है। वहीं, भारत का कहना है कि संधि के नवीनीकरण को लेकर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है। बांग्लादेश के मंत्री ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान अगले महीने संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश का पक्ष मजबूती से रखेंगे।

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