जापानी तकनीक से बदलेगी किसानों की तस्वीर? शिवराज बोले- छोटे किसानों तक पहुंचाएं मशीनरी, घटे लागत और बढ़े उत्पादन

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जापानी तकनीक को किसानों तक पहुंचाने पर दिया जोर; छोटे और सीमांत किसानों के लिए सस्ती व उपयोगी मशीनरी विकसित करने और ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने की अपील।

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश, तकनीक और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में कृषि क्षेत्र को लेकर बड़ा फोकस सामने आया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जापानी तकनीक और विशेषज्ञता का लाभ सीधे भारतीय किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत-जापान की साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसका सीधा लाभ किसानों, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश को जापानी कंपनियों सहित वैश्विक निवेश के लिए एक मजबूत डेस्टिनेशन बताते हुए कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

छोटे किसानों के लिए बने आसान और उपयोगी मशीनें

शिवराज सिंह चौहान ने जापानी उद्योग और संस्थानों से ऐसी तकनीक एवं कृषि मशीनरी विकसित करने की अपील की, जिसे छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से इस्तेमाल कर सकें।

उन्होंने कहा कि भारत में विशाल बाजार, बड़ी युवा आबादी और कृषि क्षेत्र की व्यापक संभावनाएं हैं। जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की जरूरतों को जोड़कर कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

कृषि मंत्री के मुताबिक, आज ऐसी तकनीक की जरूरत है जो किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ पानी की खपत और उत्पादन लागत को कम करे और अंततः किसानों की आय बढ़ाने में मदद करे।

रिसर्च खेत तक पहुंचे, सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे

केंद्रीय मंत्री ने कृषि अनुसंधान के व्यावहारिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में होने वाली रिसर्च का लाभ सीधे खेत तक पहुंचना चाहिए।

उनके मुताबिक, रिसर्च केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे ऐसे उत्पाद और तकनीक में बदला जाना चाहिए जिन्हें किसान आसानी से अपना सकें और जिनसे उनकी खेती अधिक उत्पादक और कम खर्चीली बन सके।

जापान के लिए मजबूत निवेश डेस्टिनेशन बना यूपी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी बड़ी कंज्यूमर मार्केट, कुशल मानव संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण वैश्विक निवेश के लिए मजबूत डेस्टिनेशन बनकर उभरा है।

उन्होंने जापान को उत्तर प्रदेश का विशेष और महत्वपूर्ण साझेदार बताया। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया जापान यात्रा से दोनों पक्षों के संबंधों को और मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की ताकत, परंपरा, प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश क्षमता, इनोवेशन और विशाल बाजार को जापान की तकनीकी विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाए तो रोजगार, इनोवेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

गांव के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

कृषि तकनीक के साथ ग्रामीण युवाओं को जोड़ने पर भी केंद्रीय मंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि मशीनरी और तकनीक के संचालन, रखरखाव और उनसे जुड़े कारोबार में गांव के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुल सकते हैं।

इससे ग्रामीण युवा विकास यात्रा के केवल दर्शक नहीं, बल्कि उसके सक्रिय भागीदार बन सकते हैं।

उन्होंने जापान से कृषि तकनीक के क्षेत्र में भारत को ग्लोबल सेंटर बनाने में सहयोग करने का भी आह्वान किया। उनके मुताबिक, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग के बीच बेहतर तालमेल से किसानों की जरूरत के मुताबिक नई तकनीक और मशीनरी विकसित की जा सकती है।

निवेश से आगे बढ़कर तकनीक और रोजगार की साझेदारी

शिवराज सिंह चौहान ने भारत-जापान संबंधों को केवल दो देशों के बीच निवेश संबंधों तक सीमित न रखते हुए इसे दो संस्कृतियों की साझेदारी बताया।

उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति तथा जापान की तकनीकी दक्षता और औद्योगिक क्षमता मिलकर विकास की नई राह बना सकती है। दोनों देशों के बीच सहयोग में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को भी महत्वपूर्ण स्थान मिलना चाहिए।

200 से ज्यादा जापानी प्रतिनिधि ले रहे हिस्सा

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 का आयोजन 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में किया जा रहा है। इसमें 200 से अधिक जापानी उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन में जापानी कंपनियों के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

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