राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO, ट्रस्ट की बैठक में ऐलान, जानिए किसका नाम सबसे आगे?
राम मंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक में CEO के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है। सर्च कमेटी ने चयन से जुड़ी रिपोर्ट ट्रस्ट पदाधिकारियों को सौंप दी है।
अयोध्या, अमृत विचार। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आज सीईओ के नाम की घोषणा हो सकती है। श्री राम जन्मभूमि परिसर में सर्च कमेटी की बैठक के बाद सीईओ चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देवगिरी, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन व महंत दिनेंद्र दास को सौंप दी। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर दो सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में सीईओ के नाम पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है।
इसके पूर्व मंगलवार को सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लगाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद और संघ से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच पूरे दिन बैठकों का दौर रहा। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी के प्रवास स्थल वैदेही भवन में विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा और वरिष्ठ नेता दिनेश चंद्र ने गोपनीय बैठक की। बताया जा रहा है कि यहां चयन को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया गया है।
वहीं ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देवगिरी ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर के कुशल प्रबंधन के लिए एक योग्य और सक्षम सीईओ की तलाश की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय सर्च कमेटी को दी गई थी।
कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व आईएएस अधिकारी सुरेश हावड़े और अन्य सदस्य शामिल रहे। उन्होंने बताया कि करीब 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। स्क्रीनिंग के कई चरणों के बाद आवेदकों को अलग-अलग स्तर पर शॉर्टलिस्ट किया गया और अंत में 16 अभ्यर्थियों का प्रत्यक्ष साक्षात्कार लिया गया। कमेटी ने इनमें से अंतिम तीन नामों की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। कल इन नामों पर विचार करेगा।
सर्च कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने बताया कि कमेटी को आठ अगस्त को जिम्मेदारी की सूचना मिली थी और 11 अगस्त को पहली बैठक हुई। इसके बाद सीईओ पद के लिए मानक तय किए गए और आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई। 18 अगस्त तक 5585 आवेदन प्राप्त हुए। 19 अगस्त को कमेटी ने आगे की प्रक्रिया के लिए गूगल फॉर्म तैयार किया। जिसमें 3577 आवेदकों ने जवाब दिया। इसके बाद ग्रेडिंग और स्क्रीनिंग के विभिन्न चरणों से गुजरते हुए अंतिम तीन नाम तय किए गए।
उन्होंने बताया कि गूगल फॉर्म 600 नंबर का था।इसमें 60 प्रतिशत से ऊपर वालों को ही आगे बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया। इसमें सिर्फ 108 लोगों ही इस श्रेणी में आए। इसे लोगों के वर्चुअल माध्यम चार दिनों तक बातचीत का दौर चला। इसमें से 17 लोगों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। लेकिन सिर्फ 16 लोग पहुंचे। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता से तीन लोगों के नाम चयन करके रिपोर्ट दिया है। आगे ट्रस्ट एक व्यक्ति का चयन तय करेगा।
चयन प्रक्रिया का समय क्रम
6 जुलाई 2026: चयन समिति का गठन।
11 जुलाई 2026: प्रथम बैठक, चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड।
14 जुलाई 2026: समीर पंडा कमेटी के सचिव नियुक्त।
18 जुलाई 2026: आवेदन प्रक्रिया बंद।
शेष जुलाई 2026: प्राप्त आवेदनों की समीक्षा व मूल्यांकन।
3-6 अगस्त 2026: ऑनलाइन संवाद प्रक्रिया।
11-12 अगस्त 2026: तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या में अंतिम 16 आवेदकों से विस्तृत प्रत्यक्ष संवाद।
1 सितम्बर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा गया तीन आवेदकों के नाम।
विहिप के प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश चंद्र ने संतों के साथ की बैठक
राम मंदिर में चल रहे सीईओ नियुक्ति प्रक्रिया के बीच हनुमान गढ़ी के पुजारी देवेशाचार्य के स्थान पर विश्व हिंदू परिषद के प्रबंध समिति सदस्य दिनेश चंद्र ने संतों के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संतों सीईओ के नियुक्ति पर सभी सवाल खड़े किए है। संतों का मानना है कि मंदिर संचालक के लिए सीईओ की आवश्यकता नहीं है। सनातन परंपरा से संचालन होना चाहिए। इससे सरकारी करण होने की संभावना जताई है। हालांकि इस बैठक को लेकर दिनेश चंद्र ने बताया कि यहां पर संतों में नई पीढ़ी के संत जिनको सही माने में युवाओं की रुचि संन्यास भाव की तरफ बढ़ रहा हैं। जिनके पीछे धर्म ग्रंथ, शास्त्र का अध्ययन कर आगे बढ़ाते हुए आगे ले जाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी पर भरोसा है। जो समाज दिशा देने वाले बनेंगे। वहीं कहा कि सीईओ की नियुक्ति के लिए ट्रस्ट के सदस्यों के सामने खुलेगा। जिस पर निर्णय होगा। बैठक में मुख्य रूप से महंत सीताराम दास, वरुण दास, नारायण मिश्रा समेत अन्य लोग शामिल रहे।
