UPCOS : लखनऊ में CM योगी ने दी आउटसोर्स कर्मचारियों बड़ी सौगात, बोले-2017 से पहले होता था शोषण

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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आउटसोर्स कर्मचारियों के हित-संरक्षण के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम

लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने UPCOS का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा और उनके कल्याण को सुनिश्चित करना है।

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में आज लोकभावन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Uttar Pradesh Outsourcing Service Corporation UPCOS का शुभारभ किया। UPCOS के पोर्टल और वेबसाइट के शुभारंभ के अवसर पर आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को ''संपत्ति'' मानती है और उन्हें समय पर पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा तथा संस्थागत संरक्षण उपलब्ध कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि यूपीसीओएस राज्य के 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रबंधन को डिजिटल रूप से एकीकृत करेगा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संस्थागत तंत्र उपलब्ध कराएगा। 

इस दौरान उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कार्मिकों के हित-संरक्षण, सेवा-सुरक्षा और पारदर्शी मानव संसाधन प्रबंधन की दिशा में उत्तर प्रदेश नई शुरुआत करने जा रहा है। इसके तहत बुधवार को लखनऊ में संपूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के डिजिटल एकीकरण के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकॉस) का शुभारंभ किया जाएगा। 

https://x.com/myogiadityanath/status/2095027578767831169?s=20

सीएम योगी की बड़ी बातें 

कार्यक्रम के दौरान यूपीकॉस के पोर्टल और वेबसाइट की शुरुआत की गई। इसके साथ ही निगम के लोगो का अनावरण तथा आउटसोर्स कार्मिकों को चेक का वितरण भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के माध्यम से व्यवस्था में पारदर्शिता, बेहतर प्रबंधन के जरिए कार्मिकों को सेवा-सुरक्षा और प्रत्येक कर्मचारी के श्रम को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है।  

यूपीकॉस के माध्यम से आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन को एकीकृत और अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक से पारदर्शिता, व्यवस्था से सुरक्षा और प्रत्येक कार्मिक के श्रम को सम्मान देना ही नए उत्तर प्रदेश की नई पहचान है।

2017 से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों को माना जाता था 'बोझ'  

UPCM योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश कॉरपोरेशन फॉर आउटसोर्स सर्विसेज (यूपीसीओएस) की शुरुआत करते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों को ''बोझ'' माना जाता था और राजनीतिक दलों तथा उनके रिश्तेदारों से कथित रूप से जुड़ी कंपनियां उनका शोषण करती थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कर्मचारियों के लिए पारिश्रमिक, स्वास्थ्य सुविधा और दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं थी। नई व्यवस्था में समय पर वेतन भुगतान तथा भविष्य निधि और बीमा से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि समर्पित पोर्टल कर्मचारियों को उनके रोजगार और अधिकारों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएगा तथा व्यवस्था को बिचौलियों से मुक्त किया जाएगा। 

आदित्यनाथ ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन के कारण रोजगार के स्वरूप में बदलाव आ रहा है, लेकिन मानव श्रम की गरिमा अपरिवर्तित है। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। 

 

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