Exclusive : कानपुर मंडल में धार्मिक मार्गो के लिए 11 करोड़ का बजट, फर्रुखाबाद-कन्नौज की इन सड़कों का होगा कायाकल्प
फर्रुखाबाद को 5 और कन्नौज को मिले 6 करोड़ रुपये, धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान बनाने के लिए चल रहा चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण का काम
लखनऊ, अमृत विचार। धार्मिक और आस्था के प्रमुख स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों को बेहतर बनाने की योजना के तहत कानपुर मंडल को बड़ी धनराशि मिली है। लोक निर्माण विभाग ने फर्रुखाबाद और कन्नौज की दो चालू सड़क परियोजनाओं के लिए कुल 11 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इनमें फर्रुखाबाद की परियोजना के लिए पांच करोड़ और कन्नौज की परियोजना के लिए छह करोड़ रुपये शामिल हैं. 25 अगस्त 2026 को लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी शासनादेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इन दोनों परियोजनाओं पर धनराशि जारी करने की स्वीकृति दी गई है. शासनादेश के मुताबिक धर्मार्थ मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं विकास के लिए एकमुश्त व्यवस्था योजना के तहत दोनों कार्यों पर कुल 1100 लाख रुपये यानी 11 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।
फर्रुखाबाद में जीटी रोड तक 34.1 किमी मार्ग का काम
फर्रुखाबाद में शेरपुर सराय से उधरनपुर, गोसाईदासपुर, खिड़रियापुर होते हुए जीटी रोड के किमी 341 तक मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है. शासनादेश में इस परियोजना की स्वीकृत लागत 5345.80 लाख रुपये यानी करीब 53.46 करोड़ रुपये दर्ज है. इस परियोजना के लिए अब तक 741.56 लाख रुपये का आवंटन दर्शाया गया है. अब शासन ने 500 लाख रुपये यानी पांच करोड़ रुपये अवमुक्त करने की स्वीकृति दी है.
कन्नौज में अन्नपूर्णा देवी और धौतेश्वर मंदिर से जुड़े मार्ग पर काम
कन्नौज में तिर्वा-सैरैया-इंदरगढ़-गुन्नाह पुल होते हुए पल्यौरा मार्ग तक का मार्ग धर्मार्थ कार्ययोजना के तहत विकसित किया जा रहा है.शासनादेश में इसे मां अन्नपूर्णा देवी मंदिर एवं धौतेश्वर मंदिर से संबंधित मार्ग बताया गया है.इस परियोजना के तहत किमी एक से 18 तक कुल 18 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का काम होना है. इसकी स्वीकृत लागत 2976.35 लाख रुपये यानी करीब 29.76 करोड़ रुपये है. अब तक 592 लाख रुपये आवंटित किए जा चुके हैं और ताजा शासनादेश में 600 लाख रुपये यानी छह करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं.
2024-25 के बजट में रखा गया था 1750 करोड़ का प्रावधान
धर्मार्थ मार्गों के विकास को लेकर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में 1750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी. उस समय बजट में धर्मार्थ मार्गों के विकास को सड़क क्षेत्र की प्रमुख मदों में शामिल किया गया था. हालांकि, उपलब्ध 25 अगस्त 2026 के शासनादेश से यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है कि धर्मार्थ मार्ग योजना की शुरुआत 2024-25 में ही हुई थी. शासनादेश मौजूदा परियोजनाओं और वित्तीय वर्ष 2026-27 में उनके लिए जारी धनराशि का विवरण देता है. इसलिए 2024-25 को योजना की शुरुआत के बजाय इस मद में बड़े बजट प्रावधान वाले वर्ष के रूप में देखना अधिक तथ्यपरक है.
खर्च के इस्तेमाल पर शासन की सख्ती
शासनादेश में जारी धनराशि के इस्तेमाल को लेकर शर्तें भी तय की गई हैं. स्वीकृत धनराशि का उपयोग संबंधित परियोजना के लिए ही किया जाना है और इसे किसी दूसरे मद में खर्च नहीं किया जा सकेगा. कार्यों की गुणवत्ता और वित्तीय नियमों के पालन के साथ उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके अलावा शासन ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि खर्च करने से पहले संबंधित परियोजना से जुड़े प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुमोदनों और संशोधित शासनादेशों में निर्धारित शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए.
एक नजर में धर्मार्थ मार्ग योजना
धार्मिक/आस्था स्थलों से जुड़े मार्गों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं विकास
बजट प्रावधान: 1750 करोड़ रुपये
कानपुर मंडल की परियोजनाएं: 2
फर्रुखाबाद: 5 करोड़ रुपये
कन्नौज: 6 करोड़ रुपये
कुल अवमुक्त धनराशि: 11 करोड़ रुपये
कन्नौज परियोजना की लंबाई: 18 किलोमीटर
