बरेली: 349 दिनों में पुलिस ने शस्त्र अधिनियम के तहत 861 तमंचे बरामद किए
अमृत विचार, बरेली। पुलिस ने एक साल में किए गए अच्छे कार्यों का लेखा जोखा पेश किया। इसके तहत कई बड़े खुलासे और उनमें अपराधियों की धरपकड़ का भी आंकड़ा दिया गया। पुलिस की मानें तो पूरे साल में शस्त्र अधिनियम के तहत 1444 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 349 दिनों में …
अमृत विचार, बरेली। पुलिस ने एक साल में किए गए अच्छे कार्यों का लेखा जोखा पेश किया। इसके तहत कई बड़े खुलासे और उनमें अपराधियों की धरपकड़ का भी आंकड़ा दिया गया। पुलिस की मानें तो पूरे साल में शस्त्र अधिनियम के तहत 1444 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 349 दिनों में 861 तमंचे भी बरामद हुए। यानी प्रत्येक दो दिनों में औसतन पांच तमंचे बरामद किए गए। इसमें सिर्फ 45 तमंचे ही शस्त्र फैक्ट्री से पकड़े गए। 816 तमंचे आखिर कहां से आए, इसकी तह तक पुलिस नहीं पहुंची। यही वजह है कि लगातार तमंचे मिलना जारी है।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक वर्ष 2020 में 1 जनवरी से 15 दिसंबर तक शस्त्र अधिनियम के तहत कुल 1435 अभियोग पंजीकृत किए गए। इन अभियोगों में 1444 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने 861 तमंचे बरामद किए। इसके अलावा अभियुक्तों के पास से 1353 कारतूस, 572 चाकू, 11 देशी एसबीबीएल बंदूक, 5 फैक्ट्रीमेड एसबीबीएल बंदूक, 1 देशी डीबीबीएल बंदूक, 3 देशी रायफल बरामद कीं।
इस दौरान पुलिस ने 12 अवैध शस्त्र फैक्ट्रियों से 45 बने व 26 अधबने शस्त्र बरामद हुए। इससे साफ है कि 816 तमंचे अलग-अलग अभियुक्तों से ही बरामद हुए हैं। यह तमंचे अभियुक्तों ने कहां से खरीदे। उन्होंने तमंचा कितने में खरीदा।
तमंचे कहां बन रहे हैं। क्या जिले के अलावा दूसरे जिलों से तमंचों की सप्लाई हो रही है। इसके बारे में पुलिस ने पता नहीं लगाया। पुलिस ने 1355 अवैध कारतूस बरामद किए। यह संख्या काफी बड़ी है। आखिर यह कारतूस कहां से आयी। इसके बारे में भी कुछ पता नहीं लगाया गया। एक-दो बार पुलिस ने तह तक जाने की कोशिश की तो पता चला कि बंदूकों की दुकानों से अवैध तरीके से कारतूसों की सप्लाई हुई थी। उसके बाद गन हाउस की चेकिंग को लेकर आदेश दिए गए लेकिन बाद में सब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
