हल्द्वानी: तीन साल बाद एमबीपीजी को मिलेगा सिंगल बॉस्केटबॉल कोर्ट
हल्द्वानी,अमृत विचार। तीन साल बाद यानी नये साल में एमबीपीजी कॉले को सिंगल बॉस्केटबॉल का कोर्ट मिल जाएगा। इससे बॉस्केट बॉल खेलने वाले खिलाड़ियों को काफी फायदा मिलेगा। वर्ष 2017 में बॉस्केटबॉल कोर्ट की जगह पर भवन का निर्माण कर दिया गया था। इसके बाद से एक भी बॉस्केट बॉल प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हो …
हल्द्वानी,अमृत विचार। तीन साल बाद यानी नये साल में एमबीपीजी कॉले को सिंगल बॉस्केटबॉल का कोर्ट मिल जाएगा। इससे बॉस्केट बॉल खेलने वाले खिलाड़ियों को काफी फायदा मिलेगा। वर्ष 2017 में बॉस्केटबॉल कोर्ट की जगह पर भवन का निर्माण कर दिया गया था। इसके बाद से एक भी बॉस्केट बॉल प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हो सका है।
वर्ष 2010-11 में प्राचार्य डॉ. बीएस बिष्ट ने एमबीपीजी कालेज में दो बॉस्केटबॉल कोर्ट बनाये थे। इसके बाद एमबीपीजी कालेज में महाविद्यालयों के बीच प्रतियोगिता के साथ ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता भी आयोजित होती थी। वहीं, वर्ष 2017 में बॉस्केटबॉल कोर्ट की जगह पर भवन का निर्माण होने के चलते बॉस्केटबॉल की सभी प्रतियोगिताएं खत्म हो गयी। इससे खिलाड़ियों का मनोबल भी काफी टूट गया। ऐसे में प्रैक्टिस के लिए खिलाड़ियों को अन्य स्कूल आदि की ओर रूख करना पड़ता था।
खेल विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद गौड़ ने बताया कि पहले कुमाऊं में सिर्फ एमबीपीजी कालेज में ही दो बॉस्केटबॉल कोर्ट थे। इस दौरान यहां पर ट्रायल में 70-80 खिलाड़ी प्रतिभाग करते थे। उन्होंने बताया कि अब कालेज परिसर में इतनी जगह नहीं है कि दो बॉस्केटबॉल कोर्ट बनाये जा सकें, इसलिए अब सिंगल बॉस्केटबॉल कोर्ट की बनाया जाएगा। प्राचार्य डॉ. बीआर पंत ने बताया कि बॉस्केटबॉल कोर्ट के लिए परमिशन दे दी गयी है। इसके लिए मंडी परिषद को खाका (एस्टिमेट) तैयार करने को कहा गया है। खाका तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और फिर बॉस्केटबॉल कोर्ट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड बॉस्केटबॉल फेडरेशन को भी हुआ असर
हल्द्वानी। खेल विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद गौड़ ने बताया कि एमबीपीजी कालेज में बॉस्केटबॉल कोर्ट हटने से उत्तराखंड बॉस्केटबॉल फेडरेशन को भी काफी असर पड़ा है। इसका कारण है कि कुमाऊं में एमबीपीजी कालेज में ही दो कोर्ट थे। जहां पर फेडरेशन को भी प्रतियोगिता कराने में आसानी रहती थी लेकिन कोर्ट हटने से प्रतियोगिता नहीं हो सकी।
