MP में हैवानियत की हदें पार, विधवा से सामूहिक दुष्कर्म, बोले राहुल- कब तक सहेंगे नारी पर वार?
भोपाल। यूपी के हाथरस और बदायूं के बाद अब मध्य प्रदेश के सीधी जिले में दुष्कर्म का मामला सामने आया है। अब इसे दिनों दिन मनुष्य जाति की विकृत होती सोच का परिणाम कहें कि या फिर पुलिस प्रशासन और सरकारों की लापरवाही कि दरिंदे दरिंदगी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मध्य प्रदेश …
भोपाल। यूपी के हाथरस और बदायूं के बाद अब मध्य प्रदेश के सीधी जिले में दुष्कर्म का मामला सामने आया है। अब इसे दिनों दिन मनुष्य जाति की विकृत होती सोच का परिणाम कहें कि या फिर पुलिस प्रशासन और सरकारों की लापरवाही कि दरिंदे दरिंदगी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में विधवा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसके निजी अंगों में दुष्कर्मियों द्वारा लोहे की रॉड डाल देना दुस्साहस और हैवानियत की चरमसीमा को ही दर्शाता है। मामले पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर कानून व्यवस्था को आईना दिखाते हुए सामूहिक दुष्कर्म की खबर को शेयर करते हुए लिखा कि ”एक और निर्भया! कब तक सहेंगे नारी पर वार?”
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में चार लोगों ने कथित तौर पर 45 वर्षीय विधवा महिला के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसके निजी अंगों में लोहे की छड़ डाल कर उसे गंभीर रुप से घायल कर दिया। पुलिस घटना के संबंध में चार लोगों को हिरासत में लेकर जांच कर रही है। अमिलिया थाने के प्रभारी निरीक्षक दीपक बघेल ने बताया कि सीधी जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर एक गांव में शनिवार रात को यह घटना हुई है। पीड़िता के पति का चार साल पहले निधन हो चुका है और वह आजीविका के लिए गांव में ही अपनी झोपड़ी में छोटी दुकान चलाती है। वह अपनी छोटी बहन और दो बच्चों के साथ वहीं रहती है।
दीपक बघेल ने शिकायतकर्ता के हवाले से बताया कि शनिवार रात पीड़िता अपनी दुकान बंद कर झोपड़ी में सोने चली गयी थी, तभी रात करीब दस बजे आरोपी वहां पहुंचे और पीने के लिये पानी मांगा। महिला के इंकार करने पर वे ज़बरदस्ती झोपड़ी में घुस आये और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। बलात्कार के बाद उन्होंने पीड़िता के निजी अंगों में लोहे के छड़ डाल कर उसे गंभीर रुप से घायल कर दिया। घटना के बाद अत्याधिक रक्तस्त्राव के कारण महिला बेहोश हो गयी।
उन्होंने बताया कि घटना के समय पीड़िता की 40 वर्षीय छोटी बहन और 16 व 18 वर्ष के दो बेटे घर ही थे। लेकिन वह मदद के लिये लोगों को नहीं बुला सकें क्योंकि उनकी झोपड़ी गांव से अलग सुनसान जगह पर थी। दीपक बघेल ने बताया कि पीड़िता को उपचार के लिये पहले सीधी जिले के अस्पताल में भेजा गया वहां से उसे बेहतर इलाज के लिये पड़ोसी रीवा जिले के शासकीय अस्पताल में भेजा गया है। जहां चिकित्सकों द्वारा उसकी हालत सुधार के साथ खतरे से बाहर बताई गयी है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद पीड़िता की बहन ने गांव से एक आटो रिक्शा को बुलाया और पीड़िता को अमलिया पुलिस थाने लेकर आई, जहां से पीड़िता को सीधी के जिला अस्पताल में भेजा गया।
दीपक बघेल ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के बाद रविवार को ही चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपी और पीड़िता एक ही गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि महिला के शिकायत पर धारा 376 (बलात्कार) सहित अन्य सम्बद्ध धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सीधी की घटना में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, उन्हें जल्द सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
