म्‍यांमार में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फिर गोलीबारी, कई लोग घायल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

यांगून। म्‍यांमार में पिछले महीने हुए सैन्य तख्तापलट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने देश की पूर्व राजधानी बागान में रविवार को गोलीबारी की जिसमें कई लोग घायल हो गये। सोशल मीडिया पर प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बताए गए आंखों देखा हाल और वीडियो के जरिये यह जानकारी सामने आई है। बागान में प्रदर्शनकारियों पर …

यांगून। म्‍यांमार में पिछले महीने हुए सैन्य तख्तापलट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने देश की पूर्व राजधानी बागान में रविवार को गोलीबारी की जिसमें कई लोग घायल हो गये। सोशल मीडिया पर प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बताए गए आंखों देखा हाल और वीडियो के जरिये यह जानकारी सामने आई है।

बागान में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में पांच लोग घायल हुए हैं। मौके से गोलियां भी एकत्र की गईं।बागान को देश के शीर्ष पर्यटक केन्द्रों में से एक के रूप में जाना जाता है, लेकिन सेना के तख्तापलट के खिलाफ यहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के अनुसार म्‍यांमार के कई शहरों और नगरों में हर रोज प्रदर्शन हो रहे हैं और सुरक्षा बल जवाबी कार्रवाई करते हुए बल प्रयोग और गिरफ्तारियां भी कर रहे हैं। कार्यालय के अनुसार 28 फरवरी को 18 प्रदर्शनकारी और बुधवार को 38 प्रदर्शनकारी मारे गये थे।

राजनीतिक कैदियों के लिए स्वतंत्र सहायता संघ ने दावा किया कि 1,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार रविवार को यांगून और मांडले के दो सबसे बड़े शहरों सहित, अन्य जगहों पर भी विरोध प्रदर्शन हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए कथित तौर पर बल का उपयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

यांगून से प्राप्त कई रिपोर्टों में कहा गया है कि पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों और समर्थकों को पकड़ने के लिए शनिवार की रात छापेमारी भी की। एनएलडी सांसद सिथु माउंग द्वारा फेसबुक पर किए गए एक पोस्ट के अनुसार आंग सान सू ची की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी से वार्ड अध्यक्ष रविवार की सुबह एक सैन्य अस्पताल में मृत पाये गये।

सोशल मीडिया पर इस तरह के संदेह जताये जा रहे हैं कि खिन माउंग लत्त (58) की मौत हिरासत में पिटाई के दौरान हुई है लेकिन आधिकारिक तौर पर उनकी मौत के कारण के बारे में तत्काल नहीं बताया गया है। गौरतलब है कि देश की सेना ने आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार को एक फरवरी को हटाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इस तख्तापलट के खिलाफ देशभर में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।

संबंधित समाचार