कोरोना को हराने में आपकी मदद कर सकती हैं ये चीजें, शोधकर्ताओं का दावा

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। मल्टीविटामिन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोबायोटिक और विटामिन डी सप्लीमेंट लेना कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि इनका सेवन कम से कम महिलाओं में कोविड-19 बीमारी के खतरे को कम कर सकता है। बीएमजे न्यूट्रिशन प्रीवेंशन एंड हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन …

नई दिल्ली। मल्टीविटामिन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोबायोटिक और विटामिन डी सप्लीमेंट लेना कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि इनका सेवन कम से कम महिलाओं में कोविड-19 बीमारी के खतरे को कम कर सकता है। बीएमजे न्यूट्रिशन प्रीवेंशन एंड हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, विटामिन सी, जिंक या लहसुन के सप्लीमेंट का सेवन कोविड-19 के खतरे को कम करने से नहीं जुड़ा हुआ है।

इस अध्ययन में ब्रिटेन के किंग्स कॉलेज, लंदन के भी शोधकर्ता शामिल थे। शोधकर्ताओं ने कोविड-19 लक्षण अध्ययन एप के वयस्क उपयोक्ताओं की जानकारी का उपयोग कर यह विश्लेषण करने का प्रयास किया कि क्या लगातार सप्लीमेंट लेने वालों के संक्रमित होने का खतरा कम है या नहीं।

यह एप ब्रिटेन, अमेरिका और स्वीडन में मार्च 2020 में लांच हुआ था और इसमें अभी तक महामारी से जुड़ी सभी क्रमवार जानकारी उपलब्ध है। अध्ययनकर्ताओं ने ब्रिटेन में एप का उपयोग करने वाले 3,72,720 लोगों से मिली जानकारी का विश्लेषण किया है। इन लोगों ने संक्रमण की पहली लहर के दौरान मई, जून और जुलाई 2020 में लगातार सप्लीमेंट लिए और विश्लेषण के दौरान इनके स्वाब की जांच रिपोर्टों को भी शामिल किया गया है।

मई से जुलाई के बीच ब्रिटेन में एप के 1,75,652 उपयोक्ताओं ने लगातार सप्लीमेंट लिए और 1,97,068 लोगों ने नहीं लिए। इनमें से करीब दो तिहाई (67 प्रतिशत) महिलाएं थीं और उनमें से आधी से अधिक का वजन सामान्य से ज्यादा था।

तुलनात्मक अध्ययन के अनुसार, मई से जुलाई के बीच 23,521 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी और 3,49,199 लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव रही। अध्ययन में पता चला कि प्रोबायोटिक, ओमेगा फैटी एसिड, मल्टी विटामिन और विटामिन डी लेने से कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा क्रमश: 14, 12, 13 और नौ प्रतिशत तक कम हो जाता है। विटामिन सी, जिंक और लहसुन के सप्लीमेंट लेने वालों पर ऐसा कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला।