लखनऊ: कोरोना मरीजों की सांसों पर संकट, अस्पतालों में लगे ‘ऑक्सीजन खत्म’ के नोटिस
लखनऊ, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और लगातार हो रही मौतों के साथ सत्ता के गलियारों से चकाचौंध के चाहे जो भी दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर हैं, और इस हकीकत को राजधानी के निजी व सरकारी अस्पतालों ने बुधवार को बयां कर दिया है। शहर के निजी …
लखनऊ, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और लगातार हो रही मौतों के साथ सत्ता के गलियारों से चकाचौंध के चाहे जो भी दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर हैं, और इस हकीकत को राजधानी के निजी व सरकारी अस्पतालों ने बुधवार को बयां कर दिया है।
शहर के निजी अस्पतालों गेट पर नोटिस चस्पा कर अस्पताल प्रबंधन ने इलाज से तौबा कर लिया है, और नोटिस में कहा कि ऑक्सीजन का स्टॉक खत्म हो गया है, ऐसे में मरीजों को कहीं अन्य जगह ले जायें। हम जिन निजी अस्पतालों की बात कर रहे हैं उनमें टीएस मिश्रा व गोमती नगर स्थित मेयो हॉस्पिटल नाम शामिल हैं। टीएस मिश्रा हास्पिटल में नोटिस देख मरीज के परिजन भी परेशान हो गये और इसके बाद दो दर्जन मरीजों को ट्रामा सेंटर भे शिफ्ट किया गया है। इन निजी अस्पतालों में आम आदमी की तो जल्दी पहुंच नहीं हो पाती है।
वहीं गरीबों का एम्स कहा जाने वाला राजधानी के बलरामपुर अस्पताल में भी ऑक्सीजन का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है। अस्पताल के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि भी की है। बताया कि कुछ घंटो के लिए यहां पर काम चल सकता है, अगर ऑक्सीजन समय से नहीं पहुंची तो मुसीबत हो खड़ी हो सकती है।
डीएम की जगह पीएस ने उठाया फोन, कहा- व्यवस्था हो रही है
वहीं लखनऊ जिलाधिकारी रोशन जैकब से उनके सीयूजी नंबर पर बात करने का प्रयास किया गया तो पहली बार कॉल नहीं उठी, रिपोर्टर की ओर से लगातार मिलाया गया तो उनके पीएस ने फोन उठाने के बाद समस्या पूछी, जब अस्पतालो में आक्सीजन की कमी को लेकर बात की गयी तो बताया कि ऑक्सीजन की व्यवस्था की जा रही है, इतने कहते ही फोन काट दिया गया।
आक्सीजन के आभाव में बीईओ ने तोड़ा दम
अयोध्या मेडिकल कॉलेज में एक महिला खंड शिक्षा अधिकारी ने दम तोड़ दिया। यहां कोविड वार्ड के पलंग न सात पर भर्ती अनुराधा मौर्या शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी पद पर तैनात थी, कोरोना पॉजीटिव होने के कारण उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, बुधवार सुबह 6 बजे यहां ऑक्सीजन खत्म होने की सूचना दी गयी लेकिन न तो डीएम ने सुना न ही अस्पताल प्रशासन ने कोई सुनवाई की। इस बात पर खंड शिक्षा अधिकारी संघ के अध्यक्ष प्रमेन्द्र शुक्ला ने कड़ी आपित्त जताते हुए कहा कि इस पर दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
जिलों में भी है भारी किल्लत
ऑक्सीजन की कमी लगतार जिलो में भी बनी हुई है इसके साथ ही कानपुर, वाराणसी, गोंडा तथा मेरठ व उन्नाव, सीतापुर में ऑक्सीजन की भारी किल्लत बनी हुई है मरीज दम तोड़ रहे हैं।
सीएमओ का नहीं उठा फोन
वहीं लखनऊ सीएमओ डॉ संजय भटनागर का सीयूजी नंबर कभी आउट ऑफ कवरेज एरिया बताता है तो कभी बेल जाते ही कट जाता है, इस स्थिति में आमजन अगर कोई मदद मांगना भी चाहे तो मिलना मुशिकल हो रही है। बता दें कि सीएमओ का फोन न उठने की शिकायत लगातार बनी हुई है।
“ऑक्सीजन अगर समय से पहुंच जायेगी तो कोई दिक्कत नहीं होने पायेगी, लेकिन ज्यादा देर स्टॉक नहीं चलने वाला है, सूचना भी भेजी गयी है।” -डॉ. आरके गुप्ता सीएमएस बलरामपुर
“अभी तो काम चल रहा है, लेकिन 7 से 8 घंटे तक काम चल सकता है, इसके लिए ईमेल और फोन दोनो माध्यम से सूचना भेजी गयी है।” -डॉ. राजीव लोचन निदेशक बलरामपुर
