बरेली: कोरोना की पहली लहर के 15 प्रतिशत लोग इस बार भी संक्रमित
बरेली, अमृत विचार। जनपद में पिछले साल की तुलना में दूसरी लहर का प्रकोप अधिक रहा है। इसका नतीजा है कि जिले में मौत के आंकड़ों में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में करीब 15 प्रतिशत लोग पहली लहर में संक्रमित …
बरेली, अमृत विचार। जनपद में पिछले साल की तुलना में दूसरी लहर का प्रकोप अधिक रहा है। इसका नतीजा है कि जिले में मौत के आंकड़ों में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में करीब 15 प्रतिशत लोग पहली लहर में संक्रमित निकलने के बाद दूसरी लहर में भी संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में 15 प्रतिशत ऐसे मामले सामने आए हैं।
300 बेड कोविड हॉस्पिटल के प्रभारी सीएमएस डॉ. वागीश वैश्य के अनुसार पिछले वर्ष जो लोग कोरोना संक्रमित हुए थे वह यह बिल्कुल न समझें कि उनमें दोबारा कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हो सकती है। इसका मुख्य कारण है कि कोरोना की दूसरी लहर में वायरस का म्यूटेंट बदला है। वहीं दूसरा कारण है कि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर भी व्यक्ति दोबारा से कोरोना संक्रमण का शिकार हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार दोबारा संक्रमण की चपेट में आने का मुख्य कारण है कि लोग कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का समझदारी से पालन नहीं कर रहे हैं।
केस 1
शहर के शांति विहार निवासी युवक में पिछले वर्ष अप्रैल में कोरोना की पुष्टि हुई थी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में एक मई को युवक को बुखार के साथ ही गले में खराश की समस्या हुई थी तो उसने 300 बेड स्थित फ्लू कॉर्नर में जांच कराई जहां एंटीजन जांच में युवक दोबारा से कोरोना संक्रमित पाया गया।
केस 2
शहर के सिविल लाइंस निवासी 55 वर्षीय बुजुर्ग पिछले वर्ष जून माह में संक्रमित हुए थे, घर पर तबियत बिगड़ने पर उन्होंने 25 अप्रैल को जिला अस्पताल में बने ट्रूनेट लैब में जांच कराई तो उनकी एंटीजन जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिला।
वायरस का म्यूटेंट बदला है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक प्रभावी है। जिस कारण लोग दोबारा संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। वहीं कोरोना बचाव की गाइडलाइन का समझदारी से पालन न करना भी इसका मुख्य कारण है। – डॉ. बागीश वैश्य, 300बेड अस्पताल
