बरेली: कोरोना की तरह घातक है ‘ब्लैक फंगस’!, जानिए इसके लक्षण
बरेली,अमृत विचार। कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस से लोग दहशत में हैं। डॉक्टरों के अनुसार यदि ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ही डॉक्टरों से सलाह लें। यह जितना घातक है उतना ही इस रोग का इलाज महंगा है। कोरोना संक्रमण से उबर चुके लोगों में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ता जा …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस से लोग दहशत में हैं। डॉक्टरों के अनुसार यदि ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ही डॉक्टरों से सलाह लें। यह जितना घातक है उतना ही इस रोग का इलाज महंगा है। कोरोना संक्रमण से उबर चुके लोगों में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से शासन से लेकर विभाग तक के लोग परेशान हैं।
वहीं कोरोना की तुलना में इसका इलाज काफी महंगा है। अगर समय से इलाज नहीं हुआ तो इस बीमारी में जान भी जा सकती है। बीमारी में मरीज को एम्फोटेरेसिन इंजेक्शन दिन में कई बार लगाया जाता है और यह 21 दिन तक लगातार लगवाना होता है।
रोहिलखंड मेडिकल कालेज व अस्पताल के डेंटल कालेज के प्रोफेसर व मुख एवं दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि ब्लैक फंगस मरीज के शरीर में नाक या मुंह के जरिए प्रवेश करता है। मुंह में फंगस का संक्रमण ऊपरी जबड़े से होता है। इसे मैक्सिला कहते हैं। मैक्सिला में खून की धमनियों में सबसे पहले यह फंगस आता है। यह खून की धमनियों के साथ ही दांत और जबड़े की हड्डियों को गलाने लगता है। रोगियों को चाहिए लक्षण दिखने पर तुरंत ही डॉक्टरों से सलाह लें। लापरवाही बरतने पर रोगी की जान भी जा सकती है।
ब्लैक फंगस के लक्षण
रोहिलखंड मेडिकल कालेज व अस्पताल के डेंटल कालेज के प्रोफेसर व मुख एवं दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि इसे पहचानने के तरीके सरल हैं। कोविड से उबरे मरीजों को मुंह के जबड़े की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। यह जबड़े में काले रंग के दाग की तरह दिखता है। इसकी वजह से दांत गलने लगते हैं। दांतों में दर्द शुरू हो जाता है। मसूड़ों में सूजन के साथ काले धब्बे दिखाई देने लगते हैं।
जबड़े से करता है नाक, गला और दिमाग में प्रवेश
बताया कि जबड़ें में लंबे समय संक्रमण रूकता नहीं है। जबड़े से नाक, गला व दिमाग की धमनियां जुड़ीं हैं। इसकी वजह से फंगस जबड़े से होता हुआ नाक और उसके बाद आंख और दिमाग में प्रवेश करता है। इसके बाद नाक और आंख में संक्रमण पहुंच जाता है। इतना ही नहीं यह संक्रमण से दिमाग पर बुरा असर पड़ता है।
