लखनऊ में 30 हजार में बेचते थे रेमडेसिविर इंजेक्शन, पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी में तमाम सख्ती के बाद भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी थमने का नहीं ले रही है, हाई कीमत में बेचे जाने वाले इंजेक्शन के दलालों को आसानी से मिल भी जा रहा है। पुलिस ने मंगलवार को ऐसे ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 22 इंजेक्शन बरामद किए हैं। इसमें …
लखनऊ। राजधानी में तमाम सख्ती के बाद भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी थमने का नहीं ले रही है, हाई कीमत में बेचे जाने वाले इंजेक्शन के दलालों को आसानी से मिल भी जा रहा है। पुलिस ने मंगलवार को ऐसे ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 22 इंजेक्शन बरामद किए हैं। इसमें एक मेडिकल स्टोर संचालक भी हैं।
सभी आरोपियों को गाजीपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की सक्रियता से गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में गाजीपुर इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि पॉलीटेक्निक चौराहे के पास से चेकिंग के दौरान स्कूटी और बाइक सवार युवकों को चेकिंग के लिए रोका गया, जिनकी पहचान आशियाना निवासी आबान अली, तेलीबाग निवासी धर्मेंद्र यादव, लक्ष्य पाण्डेय और मोहनलालगंज निवासी अवनींद्र तिवारी के तौर पर हुई। इंस्पेक्टर के मुताबिक धर्मेंद्र यादव का तेलीबाग में मेडिकल स्टोर है।
वहीं, आबान अली निजी अस्पताल में काम करता है। आरोपियों के पास से 22 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए हैं। पूछताछ में धर्मेंद्र ने बताया कि इंजेक्शन का इंतजाम आबान अली करता था। वहीं, लक्ष्य और अवनींद्र तिवारी चिह्नित व्यक्ति को इंजेक्शन की सप्लाई पहुंचाते थे।
आरोपी के मुताबिक एक इंजेक्शन उन्हें दस हजार के करीब पड़ता था जिसे वह लोग जरूरतमंदों को 30 हजार में बेचते थे। कोविड की दूसरी लहर शुरू होने के बाद से ही आबान और धर्मेंद्र इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं।
