बरेली: लॉकडाउन ने ले ली जान, बंद हो गया काम, कर्ज के बोझ तले दबे युवक ने कर लिया जीवन समाप्त
बरेली, अमृत विचार। लॉकडाउन के चलते काम धंधा ठप्प होने और कर्ज के बोझ तले दबे एक युवक ने फांसी लगाकर जान गवां दी। परिजनों ने फंदे पर शव टंगा देखा तो परेशान हो गए। परिजनों ने फाइनेंस एजेंट पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मोहल्ला ब्रह्मपुरा निवासी कौशल कुमार ने बताया कि उनका …
बरेली, अमृत विचार। लॉकडाउन के चलते काम धंधा ठप्प होने और कर्ज के बोझ तले दबे एक युवक ने फांसी लगाकर जान गवां दी। परिजनों ने फंदे पर शव टंगा देखा तो परेशान हो गए। परिजनों ने फाइनेंस एजेंट पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मोहल्ला ब्रह्मपुरा निवासी कौशल कुमार ने बताया कि उनका बेटा सचिन (22) लोहे की अलमारी व हार्डवेयर सामान की बिक्री का काम करता था।
मृतक के पिता ने बताया कि रविवार की सुबह जब वह उसके कमरे में पहुंचे तो शव दरवाजे पर एक दुपट्ट के फंदे से लटका मिला। जवान बेटे का शव देखते ही परिवार के लोगों में मातम छाया। चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। पड़ोसी की सूचना पर मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घटना स्थल की जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लाकडाउन में किश्तें नहीं जमा कर पा रहा था सचिन
सचिन के परिवार वालों ने बताया कि दो साल पहले सचिन ने एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से दस लाख रुपए का गृह ऋण लिया था। कोविड संक्रमण के चलते सचिन का हार्डवयर सामान की बिक्री का काम बंद हो गया और किश्तें जमा नहीं हो पाईं। मृतक के परिजनों के अनुसार दोबारा कोरोना की लहर आने से काम फिर ठप हो गया और हालात बिगड़ गए।
परिवार वालों का आरोप है कि फाइनेंस एजेंट किश्त जमा करने को लेकर सचिन को परेशान करने लगे। किश्त जमा करने को लेकर रोज तकादा करते थे। जिसकी वजह से सचिन डिप्रेशन में आ गया और आत्महत्या कर ली।
