कानपुर: पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया व गोपाल शरण को तीन दिन बाद मिली जमानत
कानपुर। बर्थडे पाटी में आए हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस से धक्का-मुक्की करने और अपराधी को छुड़ाने के मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व भाजपा नेता रहे नारायण सिंह भदौरिया और गोपाल शरण को आखिर तीन दिन बाद जमानत मिल गई। निचली अदालत से अर्जी खारिज होने पर जिला जज की कोर्ट में अपील के …
कानपुर। बर्थडे पाटी में आए हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस से धक्का-मुक्की करने और अपराधी को छुड़ाने के मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व भाजपा नेता रहे नारायण सिंह भदौरिया और गोपाल शरण को आखिर तीन दिन बाद जमानत मिल गई। निचली अदालत से अर्जी खारिज होने पर जिला जज की कोर्ट में अपील के बाद जमानत मंजूर कर ली गई है। पुलिस ने शनिवार को दोनों आराेपितों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
पूर्व भाजपा नेता एवं जिला मंत्री रहे नारायण सिंह की बर्थडे पार्टी में शामिल होने के लिए हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह पहुंचा था। इस बीच सूचना पर गिरफ्तार करने आई पुलिस से नारायण सिंह और समर्थकों ने विरोध जताया था। धक्का-मुक्की करते हुए पुलिस से छुड़वाकर मनोज सिंह को फरार करवा दिया था।
वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपितों की गिरफ्तारी
मामले के तूल पकड़ने और मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद स्थानीय संगठन ने नारायण सिंह को जिला मंत्री पद से हटा दिया था तो दूसरे दिन ही भाजपा ने उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया था। मामले में पुलिस ने नारायण सिंह और उसके समर्थकों पर मुकदमा दर्ज किया था। वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपितों की गिरफ्तारी की गई थी।
पुलिस ने नारायण सिंह और अधिवक्ता गोपाल शरण को गिरफ्तार करके शनिवार को जेल में दाखिल कराया था। इसके बाद दोनों आरोपितों की जमानत के लिए अर्जी निचली अदालत में दाखिल की गई थी। सोमवार को सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
इस पर जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। मंगलवार की सुबह जिला जज की अदालत में सुनवाई के बाद दोनों आरोपितों की जमानत 25-25 हजार रुपये के बंधपत्र दाखिल करने के आदेश के साथ मंजूर की गई है।
