बरेली: युवा योद्धा तनाव और झूठी खबरों से दिलाएंगे मुक्ति
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अब छात्र और शिक्षक मिलकर कोरोना महामारी और वैक्सीन से जुड़ी झूठी खबरों व अफवाहों से लोगों की सुरक्षा करेंगे। यह टीम युवा योद्धा (यंग बैरियर) कहलाएगी। इसके लिए यूजीसी ने बकायदा निर्देश जारी किया है। यूजीसी ने विश्वविद्यालय के कुलपति और महाविद्यालयों के प्राचार्यों को जारी निर्देशों …
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अब छात्र और शिक्षक मिलकर कोरोना महामारी और वैक्सीन से जुड़ी झूठी खबरों व अफवाहों से लोगों की सुरक्षा करेंगे। यह टीम युवा योद्धा (यंग बैरियर) कहलाएगी। इसके लिए यूजीसी ने बकायदा निर्देश जारी किया है।
यूजीसी ने विश्वविद्यालय के कुलपति और महाविद्यालयों के प्राचार्यों को जारी निर्देशों में कहा है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में लाखों छात्र पढ़ते हैं और हजारों शिक्षक पढ़ाते हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बात करें तो यहां विश्वविद्यालय समेत 652 महाविद्यालयों में पांच लाख से अधिक छात्र पढ़ते हैं। इन छात्रों को युवा योद्धा बनाकर कोरोना को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है।
इन योद्धाओं को वैक्सीन बडी के तहत वैक्सीनेशन को लेकर लोगों को जागरूक करना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया समझानी होगी। वैक्सीनेशन के बाद क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसके बारे में बताना होगा। लोग तनाव में न आएं, इसके लिए लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करनी होगी। उनके परिवारों व दोस्तों से बात करनी होगी। लोगों की देखरेख करनी होगी। युवा योद्धा गूगल फार्म, व्हाट्सएप, फेसबुक व अन्य माध्यम से जुड़ सकते हैं। इसके लेकर यूजीसी की वेबसाइट पर जानकारी दी गई है। युवा योद्धाओं को यूनिसेफ की ओर प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
बता दें कोविड महामारी में कई संस्थाओं ने कोरोना पीड़ितों के लिए आगे बढ़कर उनकी हर संभव मदद कर रहे हैं। कई स्वयंसेवी लोग संक्रमितों के लिए आगे आ रहे है, तो वहीं कुछ ऐसे भी है जो कोरोना महामारी और वैक्सीन को लेकर झूठी खबर व तरह-तरह के अफवाहें फैला रहे है। इससे लोगों में कोरोना और वैक्सीन को लेकर भय और तनाव है।
