फतेहपुर: गैंग रेप मामले में विधायक को मिला क्लीन चिट, तीनों आरोपी गिरफ्तार, चौकी इंचार्ज सस्पेंड
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मदरियापुर की एक बालिका के साथ तीन युवकों द्वारा बंधक बनाकर गैंगरेप किए जाने के मामले को लेकर आज शनिवार को पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संपूर्ण घटनाक्रम का खुलासा किया। इस दौरान उन्होंने कहा, इस मामले में अयाह शाह विधायक विकास गुप्ता …
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मदरियापुर की एक बालिका के साथ तीन युवकों द्वारा बंधक बनाकर गैंगरेप किए जाने के मामले को लेकर आज शनिवार को पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संपूर्ण घटनाक्रम का खुलासा किया। इस दौरान उन्होंने कहा, इस मामले में अयाह शाह विधायक विकास गुप्ता और बबलू का कोई संबंध नहीं है पीड़ित बालिका को बबलू सिंह मोरम कारोबारी रायबरेली के यहां रखा गया था।
अयाह शाह विधायक विकास गुप्ता का नाम इस प्रकरण में आ जाने से और उसमें प्रियंका गांधी वाड्रा एवं अखिलेश यादव द्वारा ट्वीट कर दिए जाने से मामले का राजनीतिकरण हो गया था और यह प्रदेश स्तर पर सुर्खियों में छा गया था जिस पर आज पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि घटना से संबंधित तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं इस मामले में घोर लापरवाही बरतने वाले सा चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है और उसके विरुद्ध जांच की जिम्मेदारी एडिशनल एसपी को सौंपी गई है जिनकी रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ज्ञात हो कि इस मामले में प्रारंभ से ही shah चौकी इंचार्ज अमित सिंह की भूमिका संदेह के घेरे में रही। अभियुक्तों को पकड़ने के बाद भी छोड़ देना और प्रारंभ में एफआईआर. में गैंगरेप की धाराएं न जोड़ने के मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक द्वारा उसे निलंबित किया गया है।
मालूम होगी गैंगरेप की पीड़ित बालिका को न्याय न मिलने पर वह अपने पिता के साथ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल से मिली थी और उसने समूचे घटनाक्रम की जानकारी उन्हें देते हुए कहा था कि उसे विधायक बबलू के आवास पर रखकर उसके साथ गैंगरेप किया गया था इस आरोप के सामने आते ही आया सा विधायक विकास गुप्ता उर्फ बबलू ने स्पष्टीकरण देते हुए प्रेस नोट जारी कर आरोपों का खंडन किया था और कहा था कि वह दोषियों को जानते पहचानते तक नहीं हैं उनके आवास में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जिन्हें देखकर भी समझा जा सकता है कि आरोप असत्य हैं। इस मामले के सुर्खियों में आते ही पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मानिटरिंग की और उनके कुशल निर्देशन में सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
