कोरोना की तीसरी लहर में ब्लैक फंगस का रहेगा खतरा, बरतें ये सावधानी…
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की दूसरी लहर के समय ब्लैक फंगस से काफी लोग बीमार हुए। आंखों की यह बीमारी से मरीज अगर ठीक नहीं हो पाए तो उसकी जान भी चली जाती है। तीसरी लहर की आहट के साथ ही ब्लैक फंगस की चिंता भी सताने लगी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की दूसरी लहर के समय ब्लैक फंगस से काफी लोग बीमार हुए। आंखों की यह बीमारी से मरीज अगर ठीक नहीं हो पाए तो उसकी जान भी चली जाती है। तीसरी लहर की आहट के साथ ही ब्लैक फंगस की चिंता भी सताने लगी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना के साथ ही ब्लैक फंगस भी चिंता का सबब बन सकता है।

अप्रैल माह में ब्लैक फंगस के मामले उत्तराखंड में आने शुरू हुए थे। बाद में राज्य सरकार ने इसे भी महामारी घोषित कर दिया और इसका उपचार भी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में किया जाने लगा। कोरोना के साथ ही जब ब्लैक फंगस के सामने आए तो लोग सकते में आ गए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि ब्लैक फंगस उन लोगों पर हमला करता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। और कोरोना में ऐसा ही होता है। इसलिए कोरोना की वजह से कुछ लोगों में ब्लैक फंगस की बीमारी भी होने लगी। हालांकि इस बीमारी से भी लोग ठीक होते हैं, लेकिन कोरोना की अपेक्षा ब्लैक फंगस से ठीक होने में काफी समय लग जाता है।
इस बीमारी से ठीक होने के लिए अस्पताल में 30 से 45 दिन तक रहना पड़ता है। कभी-कभी सर्जरी की भी नौबत आ जाती है। अब तीसरी लहर की आहट के साथ ही फिर से ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ने लगा है। बता रहे हैं कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस पुराने वैरिएंट की अपेक्षा ज्यादा संक्रमण फैलाने वाला होगा और बहुत ही कम समय में लोगों मे फैल जाएगा। इसलिए कोरोना से बचाव ब्लैक फंगस से भी बचाव है।
उत्तराखंड में अब तक ब्लैक फंगस
उत्तराखंड में ब्लैक फंगस के अभी तक 486 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 90 मरीजों की मौत हो चुकी है। अभी तक ब्लैक फंगस से 76 मरीजों को ठीक किया जा चुका है। जबकि बाकी के मरीजों का उपचार चल रहा है। कुमाऊं में ब्लैक के सबसे ज्यादा 33 मरीज नैनीताल जिले में मिले हैं। जिनमें से अभी तक तीन मरीजों को ठीक किया जा चुका है और सात मरीजों की मौत हो चुकी है। चिंता की बात यह है कि ठीक होने वाले से ज्यादा मरने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है।

ब्लैक फंगस के लक्षण
नाक में दिक्कत महसूस हो रही हो, सिरदर्द, चेहरे के एक हिस्से में दर्द महसूस हो या वो सूज जाए, चेहरा सुन्न पड़ रहा हो, चेहरे का रंग बदल रहा हो, पलकें सूजने लगी हों, दांत हिलने लगे, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, कफ, खंखार में खून आना,सीने में दर्द और धुंधला दिखाई पड़े। ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। दवाइयों से भी इसका इलाज हो जाता है। कुछ मौकों पर सर्जरी भी करनी पड़ती है। इसलिए अगर आपको डाइबिटीज है और कोरोना से संक्रमित हो गए हैं तो अपना ब्लड शुगर नियमित तौर पर चेक करते रहें और शुगर की दवाई बिल्कुल संभल कर लें।
